ऊंचाहार कोतवाली के गांव अपटा में हुई सामूहिक हत्या पर हो रही जातिवादी राजनीति

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रायबरेली(ब्यूरो)- ऊंचाहार कोतवाली के गांव अपटा मे हुई सामूहिक हत्या पर जातिवादी राजनीति का मुलम्मा चढ़ने लगा है। शुक्रवार को इसे जातिगत प्रकरण बनाने का पूरा प्रयास किया गया। एक तरफ से ब्राम्हण सभा तो दूसरी तरफ से यादव महासभा गांव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश में दिखी। लेकिन पुलिस के सख्त रवैये ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। यहीं नहीं मामला कहीं राजनैतिक तूल न पकड़ ले इसलिये पुलिस ने पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक को भी गांव जाने की अनुमति न देकर उन्हें थाने पर ही ससम्मान बैठाये रखा।

ऊंचाहार कोतवाली के गांव अपटा मे हुए पांच हत्या के घटनास्थल पहुंचने के लिये शुक्रवार को यादव महासभा व ब्राम्हण सभा के साथ साथ सपा के स्थानीय विधायक ने भी गांव पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लेने व पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग उठाने की बात कही थी। इसी दिशा में संबंधित प्रतिनिधि मण्डल व विधायक गांव पहुंचने के लिये निकल भी पड़े थे। जो शांति एवं व्यवस्था की दृष्टि से काफी संवेदनशील मामला था। इसी की चलते पुलिस प्रशासन ने इनके गांव जाने पर रोक लगाने के लिये चडरई चैराहा के निकट फोर्स लगाकर नाकेबंदी कर दी थी।

शुक्रवार को यादव महासभा के तरफ से ओपी यादव के नेतृत्व में कई गाडियों का जत्था रायबरेली से जब घटनास्थल की ओर आ रहा था तभी सतर्क मुंशीगंज पुलिस चैकी की फोर्स उन्हें रोककर भदोखर कोतवाली ले गयी। जिसके बाद पूर्व मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा मनोज पाण्डेय घटनास्थल व मृतक के रिश्तेदार गांव भूसई का पुरवा जाने का प्रयास किया तो उनको रास्ते मे ही चडरई चैराहा के पास रोक कर वापस कर दिया गया। परंतु पुलिस फोर्स को चकमा देकर ब्राम्हणसभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रवेश भरद्वाज मृतक रोहित के रिस्तेदार गांव भुसईकापुरवा पहुंच गये एवं उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

रिपोर्ट- राजेश यादव 

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