सचिव से चार्ज हटाना अधिकारियों के लिए बना चुनौती 

जालौन(ब्यूरो)- जब जिले के मुखिया के आदेश को उनके ही मातहत मानने से इंकार कर दें और अपनी मनमानी दिखाने लगें तो ऐसी स्थिति में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का क्या हाल होगा? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है| इन दिनों जिले में एक ऐसा ही मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें डीएम द्वारा स्थानांतरित किए जाने के बाद भी सचिव अपना चार्ज नहीं छोड रही हैं। जिसके चलते जिले के उच्च अधिकारियों की किरकिरी हो रही है। उक्त सचिव से चार्ज हटा पाना अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है।

गौरतलब है कि कमीशनबाजी को लेकर चर्चा में रहने वाली एट न्याय पंचायत की सचिव भगवती सोनी इन दिनों फिर से सुर्खियां बटोर रही हैं। कारण यह है कि न्याय पंचायत के गांव सेंवढी के प्रधान से फोन पर कमीशन मांगने का उनका कथित आॅडियो बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय ने बीती एक जुलाई को सचिव भगवती सोनी का स्थानांतरण डकोर ब्लाक से महेबा ब्लाक में कर दिया था। सचिव के स्थानांतरण को एक महीना पूरा हो चुका है, पर कमीशनबाजी में फंसी सचिव ने अभी तक अपना चार्ज नहीं छोडा है। उनकी यह मनमानी जिलाधिकारी के आदेश पर भारी पड रही है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब जिलाधिकारी की कार्रवाई व आदेश का यह हाल है तो निचले स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था कैसी चल रही होगी? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। एक महीने बाद भी चार्ज न छोडकर एट न्याय पंचायत की सचिव भगवती सोनी सीधे जिलाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए नजर आ रही हैं। इससे जिले के उच्च अधिकारियों व प्रशासन की काफी किरकिरी भी हो रही है। अगर यही हाल रहा और उक्त सचिव ने अपना चार्ज नहीं छोडा तो आने वाले दिनों में प्रशासन को और भी किरकिरी का सामना करना पडेगा।

क्या ऐसे ही लडी जाएगी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग-
भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा देने वाली सूबे व केंद्र की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर कितनी गंभीरता है, इसका जीता जागता उदाहरण एट न्याय पंचायत की सचिव भगवती सोनी हैं। कथित आॅडियो में कमीशन मांगने वाली सचिव ने स्थानांतरण के एक महीने बाद भी चार्ज नहीं छोडा और जिले के उच्च अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऐेसे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लडी जाएगी?

सचिव का भ्रष्टाचार से है पुराना नाता –
एट न्याय पंचायत की सचिव भगवती सोनी का भ्रष्टाचार के आरोपों से पुराना नाता है। इससे पूर्व उन पर आवास दिलाने के नाम पर रूपए मांगने के भी आरोप लगे थे। उस वक्त भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। अब फिर से उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और इस बार भी डीएम तक की कार्रवाई का उन पर असर नहीं दिख रहा है। आखिर क्या वजह है कि भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती?

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