सद्ग्रन्थ हमारे मार्ग दर्शक गुरु है: प्रेमभूषण जी महाराज

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सोनभद्र(ब्यूरो) – बीजपुर एनटीपीसी की रिहंद परियोजना के आवासीय कॉलोनी में स्थित शिव मंदिर पूजा परिसर में मानस प्रचारिणी एवं मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे श्रीराम कथा का शुभारंभ शनिवार की सायं मानस मर्मज्ञ प्रेममूर्ति पूज्य संत प्रेमभूषणजी महाराज के द्वारा किया गया । कथा प्रारंभ के पूर्व शनिवार के दिन यजमान की भूमिका का निर्वहन कर रहे राजेंद्र सिंह बघेल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती बघेल ने विधि-विधान पूर्वक भगवान श्रीराम चन्द्र, सीता मईया, भरत-शत्रुघ्न एवं बजरंग बली की पूजा अर्चना करने के पश्चात प्रेमभूषण महाराज जी के चरण को स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया ।

कथा का शुभारंभ ‘ जय-जय राम कथा, जय श्रीराम कथा । इसे श्रवण कर मिट जाती है, जनम जनम की व्यथा ‘ भजन के माध्यम से महाराज जी ने किया । जैसे ही पूजा पंडाल में उनके श्रीमुख द्वारा यह भजन गाया गया वैसे ही समूचा पूजा पंडाल भक्ति रस से सराबोर हो गया । बालकांड की कथा के वाचन के दौरान श्री महाराजजी ने बताया कि मानस की पहली चौपाई गुरु वंदना से करके गोस्वामी तुलसीदास जी ने गुरु की महतता को उजागीर किया है । उन्होने कहा कि सदग्रंथ हमारे मार्गदर्शक गुरु हैं । कथा का श्रवण भाव से होता है । माता-पिता की सेवा जीहवा व नेत्र से नहीं बल्कि समर्पण भाव से होता है । चरण रज अमृतमाय वाणी है । कथा यथार्थ व परमार्थ होती है ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से महाप्रबंधक (प्रचालन) रंजन कुमार, कथा में मुख्य यजमान की भूमिका को निभाने वाले आशुतोष दीक्षित व उनकी धर्मपत्नी, आर बी पाठक, नरेन्द्र उर्फ भागवत सिंह यादव, मैथिली शरण तिवारी, राम कुमार मिश्रा, टी एन सिंह, बी एस उपाध्याय, विमल कुमार शर्मा, रामजी द्विवेदी, आर डी दूबे, मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव आदि के साथ-साथ मानस प्रचारिणी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्यगण व बड़ी तादात में श्रद्धालुगण उपस्थित थे ।

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