कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पाकिस्तान जाकर देश के खिलाफ उगला जहर, पाकिस्तान को बताया अमन परस्त |

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salman khurshid

गुरुवार की शाम को इस्लामाबाद के जिन्ना इंस्टिट्यूट के सालाना कार्यक्रम में भाषण देते हुए कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद ने कहा “भारत-पाक रिश्तो पर मौजूदा सरकार का रवैया सही नहीं है, पाकिस्तान के अमन के पैगाम का बीजेपी की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार ने सही जवाब नहीं दिया, साथ ही खुर्शीद ने पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकियों के खिलाफ कार्यवाही की तारीफ की |

कांग्रेस के सीनियर लीडर और भारत के पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इस्लामाबाद में अपने बयानों को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियों में आ गए। खुर्शीद ने भारत-पाक रिश्तों पर बीजेपी के रवैये को गलत ठहराया। कहा- पाकिस्तान के अमन के पैगाम का बीजेपी की अगुआई वाली सरकार ने सही जवाब नहीं दिया। वहीं, आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तानी आर्मी की तारीफ की।

खुर्शीद गुरुवार शाम इस्लामाबाद के जिन्ना इंस्टीट्यूट में स्पीच में बोल रहे थे। जिन्ना इंस्टीट्यूट हर साल अलग-अलग सब्जेक्ट्स पर स्पीच कराता है। इस बार बतौर स्पीकर खुर्शीद को न्योता दिया गया था। खुर्शीद के स्पीच के वक्त वहां कई देशों के एंबेसेडर मौजूद थे।

खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ का मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आना, नवाज के बेबाक फैसले और उनकी हिम्मत को दिखाता है। मोदी सरकार को यह समझना चाहिए था।

उन्होंने कहा “कांग्रेस जब सरकार में थी तब भी बीजेपी इस बात के लिए दबाव बनाती थी कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य न रहें। बीजेपी ने पाकिस्तान को लेकर सख्त रवैया अपनाया है | भारत ने साउथ एशिया में शांति के लिए पाकिस्तान की कोशिशों का उस तरह से जवाब नहीं दिया, जिस तरह से देना चाहिए था। बीजेपी की अगुवाई वाली भारत सरकार ने पाकिस्तान के अमन के पैगाम का भी वाजिब तरीके से जवाब नहीं दिया। पीएम मोदी अब भी अच्छा नायक बनने के गुण सीख रहे हैं। मोदी सरकार को इस बात का साफ तौर पर अंदाजा नहीं है कि उसे पाकिस्तान या बाकी किसी देश के साथ कैसे रिश्ते रखने हैं?

खुर्शीद यही नहीं रुके उन्होंने आतंकवाद से निपटने के तरीके को लेकर पाकिस्तानी सरकार और सेना की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना कबायली इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ बेहद मुश्किल लड़ाई लड़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि 1947 के बाद दुनिया में कई विवाद हुए और उन्हें सुलझा भी लिया गया लेकिन भारत और पाकिस्तान अभी भी उसी जगह खड़े हैं, इतने वर्षीं के बाद भी भारत-पाकिस्तान का झगड़ा खत्म नहीं हो पाया है । उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान से बातचीत चाहता है तो उसे इस बात का ध्यान रखना होगा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र को नुकसान न हो। एक कामयाब और स्थिर पाकिस्तान ही भारत के लिए बेहतर है।

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