सफाई अभियान को ठेंगा दिखा रहा है जिला चिकित्सालय

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रायबरेली (ब्यूरो)- जिला अस्पताल में फैली गंदगी संक्रमण को आमंत्रित कर रही है। यहां तैनात सफाईकर्मी सफाई के नाम पर औपचारिकता ही निभा रहे हैं। जिससे यहां दुर्गंध का साम्राज्य फैला हुआ है। इस दुर्गंध के चलते यहां आने वाले मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों को भी संक्रमण रोगों की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। हालात यह है कि जिला अस्पताल के वार्ड संख्या तीन से मिला हुआ लाश कक्ष यहां आने वाले लोगों के लिये मुसीबत का सबब बन रहा है। जिले भर में होने वाली दुर्घटनाओं, हत्याओं एवं संदेहास्पद मौत की स्थित में संबंधित थाने के पुलिस लाशों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये लाशों को लाकर इसी कक्ष में सुरक्षित करती है। कभी-कभी तो कई पुरानी और पड़ी लाशे भी यहां लाकर रखी जाती हैं। उन परिस्थितियों में लाशों से निकलने वाली दुर्गधं पूरे अस्पताल में फैल जाती हैं। जिससे वहां रूकना मुहाल हो जाता है। लेकिन मरीजों और उनके तीमारदारों की मजबूरी उन्हें इस दुर्गंधयुक्त वातावरण में रूकने के लिये बाध्य करती है।

यह विपरीत परिस्थितियां यहां कभी भी संक्रामक रोग फैला सकती हैं, लेकिन जिला अस्पताल का प्रबंधन इसे कभी भी गंभीरता से नहीं लेता। जबकि अस्पताल की साफ सफाई के लिये सफाईकर्मियों का अच्छा खासा अमला यहां तैनात है। जानकारों का कहना है कि अस्पताल की सफाई की जिम्मेदारी एक एनजीओ के पास है। जिसकी जिला प्रशासन से साठगांठ है। इसलिये न तो कभी पर्याप्त सफाईकर्मी सफाई कार्य के लिये पहुंचते है और नही इन सफाईकर्मियों द्वारा समय पर अस्पताल परिसर की सफाई की जाती हैं यह अलग बात है कि यह सफाईकर्मी अधिकारियों के आवासीय परिसरों की विधिवत सफाई रखते हैं। जिसके चलते इनको अन्य किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। भले ही इसका खामियाजा जिला अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके तीमारदारों को उठाना पड़ता है।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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