शशिकला अपने भतीजे को बनाना चाहती थी मंत्री लेकिन गवर्नर ने दिया झटका, और टूट गया सपना

0
330

sasikala

चेन्नई – जयललिता के बाद तमिलनाडु के राजनैतिक गलियारों में जो आंधी चली है वह थमने का नाम ही नहीं ले रही है | 2 महीने के भीतर 3 मुख्यमंत्री राज्य में चुन लिया गया है आज उस नए मुख्यमंत्री को राज्य विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है | दरअसल आपको बता दें कि तमिलनाडु के नए सीएम के तौर पर इडाप्पडी के पलानीस्वामी ने हाल ही में शपथ ली है और आज इन्हें अपना बहुमत भी साबित करना है |

उधर खबर यह भी है कि शशिकला के जिस भतीजे दिनाकरन को जयललिता ने कभी पार्टी से बाहर निकाल दिया था आज शशिकला अपने उसी भतीजे को पार्टी में लेने के लिए बेताब या फिर कहें तो बाहें फैलाए स्वागत करने के लिए आतुर खड़ी दिख रही है और इतना ही नहीं उन्होंने दिनाकरन को इडाप्पडी के पलानीस्वामी के मंत्री मंडल में मंत्री तक बनाए जाने की बात कही थी |

मीडिया में आई रिपोर्ट की मानें तो सूबे के राज्यपाल सीविद्यासागर राव के पास शशिकला ने जो मंत्रियों की लिस्ट भेजी थी उसमें भी दिनाकरन का नाम डाला गया था लेकिन उसे गवर्नर ने यह कहकर वापस भेज दिया कि, अभी दिनाकरन के ऊपर कई केस पेंडिग है ऐसे में वे तत्काल इसकी इज़ाज़त नहीं दे सकते है | गवर्नर ने यह भी कहा था कि यदि उन्हें दिनाकरन को मंत्री बनाना है कुछ दिनों के लिए वे शपथ ग्रहण समारोह को टाल दें और तब गवर्नर इस मामले पर कानूनी सलाह भी ले लेंगे |

लेकिन बताया जा रहा है कि शशिकला ने मौके की नजाकत को समझते हुए कहा कि नहीं वे दिनाकरन के बगैर ही शपथ लेंगे दिनाकरन का क्या करना है वे बाद में तय करेंगे |

उल्लेखनीय है कि राज्य में शशिकला ने मुख्यमंत्री पद पर दावा किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने बगावत कर दी थी| इस्तीफा देने के बाद भी वह सीएम पद पर दावा कर रहे थे और पार्टी के अधिकतर विधायक शशिकला के साथ थे| शशिकला ने विधायकों की कथित तौर पर खरीदफरोख्त को रोकने के इरादे से सभी एआईएडीएमके के विधायकों को बीच रिजॉर्ट पर भेज दिया था और बाद में धीरे धीरे कुछ विधायक और सांसद पन्नीरसेल्वम के खेमे में चले गए थे|

गौरतलब है कि शशिकला को सुप्रीम कोर्ट से चार साल कैद की सजा मिलने के बाद उनके सीएम बनने के रास्ते बंद हो गए और उन्होंने अपने खेमे के विधायक इडाप्पडी के पलानीस्वामी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे किया| उन्हें एआईएडीएमके विधायक दल का नेता चुना गया और उन्होंने गवर्नर से मिलकर विधायकों के समर्थन का दावा किया| उधर, पन्नीरसेल्वम के खेमे ज्यादा विधायक नहीं आने और पलानीस्वामी के दावे के बाद राज्यपाल ने इन्हें सीएम पद के दावेदार के रूप में चुना और पलानीस्वामी पिछले दो महीनों में तीसरे मुख्यमंत्री बने|
हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here