ग्राहकों के साथ सहयोग का व्यवहार नहीं कर रहे SBI के कर्मचारी

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जालौन : भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर हमेशा चर्चा में रहती है। कर्मचारी उपभोक्ताओं की समस्याओं को नहीं सुनते हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद उच्चाधिकारियों के काई कार्यवाही न किए जाने से उपभोक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को खाते से रूपए निकालने गए एक उपभोक्ता को बैंक कर्मचारी ने 500 रूपए कम दिए। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से लेकर पुलिस तक से की, इससे बावजूद परिणाम शून्य ही रहा।

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के उपभोक्ता हैं, तो सावधान हो जाइए। रूपए निकालने के बाद काउंटर पर ही रूपयों की गिनती कर लें एवं असली व नकली नोटों को पहचान लें। क्योंकि काउंटर से हटते ही बैंक उपभोक्ताओं की एक नहीं सुनी जाती है। बैंक कर्मचारी अपनी गलती सुनने व सुधारने के स्थान पर उपभोक्ताओं को ही डांट डपटकर भगा देते हैं।

गुरूवार को भारतीय स्टेट बैंक उरई की मुख्य शाखा में पूजा सिंह पुत्री मूलचंद्र निवासी राजेंद्र नगर उरई ने 8 हजार रूपए निकाले थे। जिसमें उसे दो-दो हजार रूपए के चार नकली नोट मिले थे। वहां पर भी बैंक कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं की एक नहीं सुनी थी। कमोवेश ऐसा ही हाल शुक्रवार को जालौन शाखा में भी देखने को मिला। ग्राम मड़ोरी निवासी रामनारायण सेंगर अपनी नातिन पूजा के साथ होली के त्योहार के चलते रूपए निकालने के लिए भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में आए थे। उन्होंने अपने खाते से काउंटर नंबर 3 से 40 हजार रूपए निकाले थे। उन्होंने बैंक से प्राप्त पांच पांच सौ के नोटों की जब गिनती की तो उन्हें 80 के स्थान पर 79 नोट ही मिले। 5 सौ का एक नोट कम मिलने की शिकायत उन्होंने काउंटर पर बैठे कर्मचारी व शाखा प्रबंधक से भी की। परंतु उनकी किसी ने भी नहीं सुनी। तब समाजसेवी अशफाक राईन पीड़ित उपभोक्ता को कोतवाली लेकर गए। जिसके बाद चौकी प्रभारी मनोज गुप्ता ने शाखा प्रबंधक अंबरीश शर्मा से बात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया। जिस पर उन्होंने बताया कि काउंटर नंबर 3 के कैश की गणना कराई जा रही है एवं सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं। इसके बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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