सरकार बदली और खुलने लगे घोटालों के पोल

0
143


उन्नाव ब्यूरो : हसनगंज तहसील के नगरपंचायत न्योतनी में विकास कार्यो में किये गए लाखो के घोटालो की पोल खोल कर अधिशाषी अधिकारी की शिकायत मुख्यमंत्री से की जिससे टॉउन प्रशासन में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अगर पोल खुली तो सम्बंधित अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है |

पिछली सरकार के चलते अधिकारियों कर्मचारियों की तो मौज ही मौज थी क्योंकि उनके खिलाफ कोई आवाज उठाने वाला नहीं था, और अगर कोई आवाज उठाता भी था तो वो शासकीय दबाव के चलते उन शिकायतों पर कोई कार्यवाही भी नहीं हो पाती थी क्योंकि भ्रष्टाचार में नीचे से लेकर ऊपर तक अधिकारी लिप्त होते थे | घोटालों की धनराशि का बन्दरबाँट किया जाता था वो भी बिना किसी हिचक के क्योंकि जिन अधिकारियों को जांच करनी होती थी वो भी उस घोटाले का एक हिस्सा होते थे, लेकिन इन अधिकारियों की परेशानी तब बढ़ी जब राज्य सरकार बदली और प्रदेश की कमान योगी आदित्यनाथ ने संभाली और प्रदेश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने की ठानी जिससे सभी विभागों के अधिकारियों में उहापोह बढ़ गई है और अब भी अधिकारी अपनी सेटिंग के खेल में हर तरह का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कोई सफलता नही हासिल हो पा रही है |

उधर उन शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत को फिर से इस उम्मीद से बाहर निकाला है कि शायद इस सरकार में उनको न्याय मिल सकता है, इसी उम्मीद में नगर पंचायत न्योतनी निवासी गुलजार अहमद ने अपनी शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री जी को भेजा है जिसमें उन्होंने नगर पंचायत अधिशाषी अधिकारी पर विकास कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला कर सरकारी पैसा हड़पने का आरोप लगाया है, उन्होंने प्रार्थना पत्र में लिखा कि नगर पंचायत में जो इंटरलाकिंग का काम कराया गया है, उसमें पुराने ईंटो का प्रयोग किया गया है और पैसा नई ईंटो को पास हुआ है, यही नहीं उन्होंने ये भी लिखा है कि नगर में जो सोलर लाइट लगाई गई है वो किसी कंपनी की न होकर के चाइना की थी लगाते ही ख़राब हो गई उन लाइट्स की बैट्री पैनल सब गायब हो चूका है, साथ ही ये बताया गया कि नगर पंचायत में नाला सफाई के नाम पर लाखों रुपये निकाला गया है लेकिन अपनी सफाई की गवाही कूड़े और घास फूस से बजबजा रहे नाला स्वयं दे रहे हैं, यही नहीं उन्होंने लिखा कि नगर पंचायत में जो इंडिया मार्का हैण्डपम्प लगे हैं वो भी मानक की अनदेखी कर 150 फिट की बजाए 60 फिट पर पानी निकाल कर शेष का पैसा डकार लिया गया है, गुलजार अहमद ने मुख्यमंत्री से गुहार करते हुए कहा है कि हमने इसकी शिकायत डीएम आदि तक से की, लेकिन अधिशासी अधिकारी रेनू यादव का एक विशेष समुदाय होने के कारण पिछली सरकार में शासन में बहुत दबदबा था, जिससे अगर कोई शिकायत भी की जाती थी तो अधिकारी भी शासन तक की पहुँच के चलते जांच को ठंडे बस्ते में डाल देते थे, जिससे शिकायतकर्ताओं ने शिकायत करना ही बंद कर दिया था |

बताते चले की एक बार इन्हीं रेनू यादव पर अपने सगे संबंधी रिश्तेदार को ठेका देने का आरोप भी लग चुका है, जिसमें अंत्योष्टि स्थल के निर्माण कार्य में अधिशासी अधिकारी रेनू यादव द्वारा मेसर्स मनोरमा यादव को बिना किसी निर्माण कार्य के ही 13 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया था, जिसकी जांच तत्कालीन एसडीएम कृपा शंकर यादव ने की लेकिन वो जाँच भी ठन्डे बस्ते में चली गई, और इओ पर कार्यवाही होत-होते बच गई अंत्योष्टि स्थल करीब 40 लाख रुपये में बनना था जिसमें अभी भी कुछ खामियां हैं । गुलजार अहमद ने मुख्यमंत्री से अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जांच कराने व नगर पंचायत न्योतनी से तत्काल हटाने की मांग की है |

रिपोर्ट – राहुल राठौर

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY