ऊसर सुधार विभाग का घोटाला, चयनित पात्र किसानों की बजाय दूसरें को दे दी गई हजारों बोरी जिप्सम

कुंडा/ प्रतापगढ़ (ब्यूरों) – प्रतापगढ़ जिला भ्रष्ट अधिकारियों का गढ़ बन गया है। तभी तो शायद ही कोई विभाग बचा हो जहां घोटाला या भ्रष्टाचार न हुआ हो। जिले के अधिकारियों ने किसानों को मिलने वाली जिप्सम तक को नही छोड़ा।चयनित गांवों के किसानों को न देकर हजारों बोरी जिप्सम गैर चयनित गांव के एक ही व्यक्ति को दे दिया। मज़े की बात तो यह है कि इतना बड़ा घोटाला हो गया लेकिन किसानों और अधिकारियों को इस घोटालें की भनक तक न लगी।

विकास खण्ड बाबागंज के महेवामलकिया, लरु और बहोरिकपुर गांव का वित्तीय वर्ष 2017 -18 में ऊसर सुधार के रूप में चयन किया गया था । उद्देश्य था कि यहां के किसानों को उनके जमीन के रकबे के हिसाब से मुफ्त में जिप्सम(खाद) देकर इन गांवों की उसरीली ज़मीन को खत्म करके उनकी पैदा वार क्षमता बढ़ा दी जाय, लेकिन किसानों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमकर घोटाला किया।विभाग के लोंगों ने गैर चयनित गांव चेतरा के एक ही व्यक्ति को हजारों बोरी जिप्सम बेच दिया। जानकारी के अभाव में किसानों ने इसकी कोई शिकायत भी नही की और जिला प्रशासन की नाक के नीचें अधिकारियों ने घोटालें को अंजाम देकर मलाई काट लिया। जिससे सरकार की मंशा पर पूरी तरह ग्रहण लग गया। अब देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस घोटालें का स्वतः संज्ञान लेकर पर्दाफाश कर पाता है या एक और घोटालें का राज़ इस जिले में दफ़न हो जाएगा..??

रिपोर्ट- विश्व दीपक त्रिपाठी

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