घंटे की ध्वनि हैं एक बहुत बड़ी औषधि, आइये जानते हैं

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मंदिरों में बजते हुए घंटों से अक्सर आपने लोगों को परेशान होते हुए सुना होगा या फिर प्रशन्न होते हुए I कुछ लोगों के मुख पर मंदिर में बजते हुए घन्टों से उठने वाली प्रचंड ध्वनि से प्रशन्नता तो कुछ को उसी ध्वनि से परेशानी भी होती हैं I अक्सर सुबह-सुबह मंदिरों से घंटे की प्रचंड ध्वनि सुनायी पड़ती हैं लेकिन जिनको इस ध्वनि से प्रशन्नता और जिनको इस ध्वनि से परेशानी होती हैं उन्हें शायद ही मंदिरों में घंटों को बजाने के पीछे के वैज्ञानिक कारण पता होंगे I
आइये आज हम बात करते हैं कि घंटों की ध्वनि के क्या हैं फयादे –
सर्पदंश का इलाज होता हैं घंटे की ध्वनि से –
किसीको भी अगर बड़े से बड़े विषधर का भी दंस लग जाय तो उसे मात्र घंटे की ध्वनि से ही ठीक किया जा सकता हैं I आज भी अफ्रीका में जहरीले से जहरीले शर्पदंश का इलाज वहां के लोग घंटा बजा कर ही करते हैं I
क्षय रोग में घंटे की ध्वनि का प्रयोग –
क्षयरोग– मास्को सैनिटोरियम (क्षय रोग चिकित्सालय) में घंटे की ध्वनि से भीषण से भीषण क्षय रोग भी ठीक हो जाता हैं इस पर यहाँ पर प्रयोग भी चल रहा हैं और न केवल क्षय रोग ही बल्कि इससे अन्य कई शारीरिक रोग भी दूर हो जाते हैं I
प्रसव बाधा से मुक्ति और बिना किसी बाधा के प्रसव करवा सकती हैं घंटे की ध्वनि –
प्रसव के समय किसी भी महिला को सबसे अधिक कष्ट का सामना करना पड़ता हैं I और यह दर्द अगर नहीं हैं तो या भी परेशानी का ही एक कारण बन जाता हैं, डाक्टर इस समस्या से निपटने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव में दर्द होने के लिए दवायें और इंजेक्शन भी लगाते हैं I
घंटे का प्रयोग –
आप अभी-अभी बजा हुआ पंचधातु का घंटा लीजिये और उसे साफ़ पानी में अच्छी तरह से धो लीजिये और वह पानी उस स्त्री को पिला दीजिये जिस स्त्री को अत्यंत प्रसव वेदना (दर्द) हो रहा हो और उसे प्रसव न हो रहा हो I आप देखेंगे की मात्र एक घंटे के अन्दर ही साड़ी विघ्न बाधाओं को हटाकर सफलतापूर्वक प्रसव हो जाएगा I और दर्द भी नहीं होगा I
घंटे की ध्वनि हैं एक बहुत बड़ी औषधि, आइये जानते हैं
मंदिरों में बजते हुए घंटों से अक्सर आपने लोगों को परेशान होते हुए सुना होगा या फिर प्रशन्न होते हुए I कुछ लोगों के मुख पर मंदिर में बजते हुए घन्टों से उठने वाली प्रचंड ध्वनि से प्रशन्नता तो कुछ को उसी ध्वनि से परेशानी भी होती हैं I अक्सर सुबह-सुबह मंदिरों से घंटे की प्रचंड ध्वनि सुनायी पड़ती हैं लेकिन जिनको इस ध्वनि से प्रशन्नता और जिनको इस ध्वनि से परेशानी होती हैं उन्हें शायद ही मंदिरों में घंटों को बजाने के पीछे के वैज्ञानिक कारण पता होंगे I
आइये आज हम बात करते हैं कि घंटों की ध्वनि के क्या हैं फयादे –
सर्पदंश का इलाज होता हैं घंटे की ध्वनि से –
किसीको भी अगर बड़े से बड़े विषधर का भी दंस लग जाय तो उसे मात्र घंटे की ध्वनि से ही ठीक किया जा सकता हैं I आज भी अफ्रीका में जहरीले से जहरीले शर्पदंश का इलाज वहां के लोग घंटा बजा कर ही करते हैं I
क्षय रोग में घंटे की ध्वनि का प्रयोग –
क्षयरोग– मास्को सैनिटोरियम (क्षय रोग चिकित्सालय) में घंटे की ध्वनि से भीषण से भीषण क्षय रोग भी ठीक हो जाता हैं इस पर यहाँ पर प्रयोग भी चल रहा हैं और न केवल क्षय रोग ही बल्कि इससे अन्य कई शारीरिक रोग भी दूर हो जाते हैं I
प्रसव बाधा से मुक्ति और बिना किसी बाधा के प्रसव करवा सकती हैं घंटे की ध्वनि –
प्रसव के समय किसी भी महिला को सबसे अधिक कष्ट का सामना करना पड़ता हैं I और यह दर्द अगर नहीं हैं तो या भी परेशानी का ही एक कारण बन जाता हैं, डाक्टर इस समस्या से निपटने के लिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव में दर्द होने के लिए दवायें और इंजेक्शन भी लगाते हैं I
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घंटे का प्रयोग –
आप अभी-अभी बजा हुआ पंचधातु का घंटा लीजिये और उसे साफ़ पानी में अच्छी तरह से धो लीजिये और वह पानी उस स्त्री को पिला दीजिये जिस स्त्री को अत्यंत प्रसव वेदना (दर्द) हो रहा हो और उसे प्रसव न हो रहा हो I आप देखेंगे की मात्र एक घंटे के अन्दर ही साड़ी विघ्न बाधाओं को हटाकर सफलतापूर्वक प्रसव हो जाएगा I और दर्द भी नहीं होगा I
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