भदोही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विज्ञान का प्रश्नपत्र

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भदोही(ब्यूरो)- माध्यममिक शिक्षा परिषद की सुचिता पर सवाल उठने लगे हैं। एशिया की सबसे बड़ी परीक्षा संस्थान सवालों के घरे में हैं। सोशलमीडिया अफसरों की नाकामी की वजह से इसकी सुचिता का चीरहरण कर रहा है। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में गुरुवार को सुबह विज्ञान का प्रश्नपत्र परीक्षा वक्त केद दौरान वाट्सप पर पहुंच गया और वायरल हो गया। किस परीक्षा केंद्र से पर्चा बाहर आया यह पता नहीं चल सका है। सूत्रों की माने उधर डीएम सुरेश कुमार सिंह से संपर्क किया गया लेकिन बात नहीं हो पायी। लेकिन सूत्रों से पता चला है कि जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच एडीएम वित्त को सौंपी है साथ ही इसकी रिपोर्ट शासन के प्रमुख सचिव एवं प्रमुख सचिव शिक्षा को भेजी गयी है। हलांकि जिलाविद्यालय निरीक्षक संतोष मिश्र और उपजिलाधिकारी भदोही रामजीलाल ने पेपर लीक होने से इनकार किया है। उनका दावा है कि परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इस तरह का मामला आया है। उस स्थिति में इसे लीक नहीं कहा जा सकता। डीआईओएस ने परीक्षा निरस्त किए जाने से इनकार किया है। हलांकि एसडीएम ने इसे गंभीर बताया है। लेकिन मामला बेहद गंभीर है।
सोशलमीडिया पर यानी वाट्सप पर विज्ञान की प्रथम पाली प्रातः 7ः30 के बाद का जो प्रश्नपत्र आउट हुआ है उसकी संकेत संख्या 824-बीआर 5,70,000 है। पेपर क्रमांक 931,589203 है। वाट्सप पर पूरा पेपर लीक किया गया है। आठ पृष्ठ प्रश्नपत्र है। हलांकि वाट्सप पर पहुंची तस्वीर की छानबीन करने से साफ पता चलता है की पपेर सीधे परीक्षा केंद्र से किसी परीक्षार्थी की तरफ से मोबाइल के जरिए बाहर आया है। क्योंकि वाट्सप पर डाली गई पेपर की तस्वीर में परीक्षा की कापी के साथ छात्र गुलाबी और सफेद रंग की पेन भी लिया है। इसके अलावा प्रश्न पत्र पर नाम और अनुक्रमांक नहीं डाला गया है। जबकि प्रश्नपत्र पाने के बाद परीक्षार्थी नाम और अनुक्रमांक लिख देता है। लेकिन जिस परीक्षार्थी की तरफ से प्रश्न पत्र परीक्षा केंद्र से बाहर किया गया वह बहुत शातिर दिमाग का लगता है। तस्वीर में एक छात्र की वह तस्वीर भी दिख रही है जिसमें वह नीले रंग की जींस और डिजाइनदार स्लीपर चप्पल पहन रखी है। मीडिया ग्रुपों पर विज्ञान का पेपर लीक होने की खबर के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हडकंप मच गया। जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह के आदेश के बाद जिलाविद्यालय निरीक्षक संतोष मिश्र, एसडीएम रामजीलाल, क्षेत्राधिकारी परमहंस मिश्र और सेक्टर मजिस्टेट हरकत में आ गए। लेकिन इन सबके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक का बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना दिखा।ं उन्होंने कहा है कि परीक्षा प्रारम्भ होने से पहले पेपर नहीं लीक हुआ। इसके बाद कोई भी वाट्सप पर भेज सकता है उसमें कोई क्या कर सकता है। एक जिम्मेदार अफसर की यह दलील कितनी तर्क संगत है आप खुद समझ सकते हैं। इस तरह के बयानों से क्या बार्ड परीक्षा की सुचिता बरकरा रहेगी यह सबसे बड़ा सवाल

रिपोर्ट- राजमणि पाण्डेय
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