धान की उत्तम प्रभेद विकसित करने को लेकर वैज्ञानिक हुए सम्मानित

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समस्तीपुर : जिले के पूसा स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक को धान की उत्तम प्रभेद विकसित करने पर उन्हें दिल्ली में सम्मानित किया गया, यह सौभाग्य इस बार विश्वविद्यालय के कृषि अधिष्ठाता डॉ. एसके वार्ष्णेय को को मिला है |

1980 के दशक में जब यह केंद्रीय विश्वविद्यालय राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय के नाम से प्रख्यात था, उस समय विश्वविद्यालय के धान के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रामाज्ञा ठाकुर के द्वारा धान की बीआर 8, बीआर 34 एवं सीता नामक प्रभेद विकसित की गई थी, इसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली, इंडियन सोसाइटी ऑफ जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग नई दिल्ली के द्वारा उनकी इसी उपलब्धि को लेकर सम्मानित किया गया |

डॉ. ठाकुर के द्वारा विकसित इस प्रभेद को खाद्यान्न सुरक्षा में अमूल्य योगदान के लिए याद किया जाता है, डॉक्टर ठाकुर को मिले यह सम्मान से विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरसी श्रीवास्तव सहित सभी वैज्ञानिकों ने उनको बधाई दी है |

रिपोर्ट – रंजीत कुमार

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