सीमा सड़क संगठन के मुख्‍य अभियंताओं का वार्षिक सम्‍मेलन

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Photo Courtesy – Ramawarrier

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मुख्‍य अभियंताओं का वार्षिक सम्‍मेलन – 2015, आज यहां मुख्यालय महानिदेशालय सीमा सड़क (डीजीबीआर) में आयोजित किया जा रहा है।

सम्‍मेलन के दौरान सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक और विभिन्‍न परियोजनाओं के 18 मुख्‍य अभियंता इस 3-दिवसीय सम्‍मेलन में विभिन्‍न कार्यों पर विचार-विमर्श और संगठन की भविष्‍य की कार्यवाही की योजनाएं तैयार करेंगे। सम्‍मेलन में संगठन से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों, विशेषकर कर्मचारी एवं अधिकारी कल्‍याण पर भी विचार-विमर्श किया जायेगा।

इस अवसर पर सीमा सड़क विकास बोर्ड (बीआरडीबी) के सचिव श्री संजीव रंजन भी उपस्थित रहेंगे। रक्षा राज्य मंत्री और सीमा सड़क विकास बोर्ड (बीआरडीबी) के अध्‍यक्ष श्री राव इंद्रजीत सिंह 28 अक्टूबर 2015 को सम्मेलन को संबोधित करेंगे। सम्मेलन को आर्मी स्टाफ जनरल श्री दलबीर सिंह के प्रमुख और डीजीबीआर के लेफ्टिनेंट जनरल श्री आर एम मित्तल भी संबोधित करेंगे।

सीमा सड़क संगठन, सेना की सामरिक और आधारभूत आवश्‍यकताओं को पूरा करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संगठन ने विशेष तौरपर सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक विकास में भी अहम भागीदारी निभाई है। सीमा सड़क संगठन वर्तमान में 23,958 किलोमीटर सड़कों और 4124.77 मीटर पुलों का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही यह संगठन 19,498 किलोमीटर सड़कों और 31,685 मीटर पुलों का रखरखाव भी करता है। संगठन ने सेना की सामरिक आवश्‍यकताओं को ध्‍यान में रखते हुए सुरंग बनाने के क्षेत्र में भी प्रवेश किया है। हिमाचल प्रदेश में 8.8 किलोमीटर रोहतांग सुरंग का निर्माण जारी है और 4.95 किलोमीटर सुरंग का काम पूरा हो चुका है। बसौली में रावी नदी पर 592 मीटर लंबा रस्सियों पर आधारित एक पुल का निर्माण किया जा रहा है। यह पुल उत्‍तर भारत में पहला इस तरह का पुल होगा, जो पंजाब और जम्‍मू-कश्‍मीर के बीच संपर्क को बढ़ाएगा।

Source – PIB

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