एसआई सुसाइड केस में पत्नी का गंभीर आरोप- ‘मुजफ्फरपुर SSP ने मांगे थे 10 लाख’

0
68

बिहार(रा.ब्यूरो)- मुजफ्फरपुर एसआई सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. एसआई की पत्नी ने एसएसपी विवेक कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं| उन्होंने कहा है कि एक थाने की कीमत दस लाख रूपये तय की जाती है और नहीं देने पर तबादला कर दिया जाता है और साजिश कर हत्या कर दी जाती है|

इस आरोप पर अब तक किसी अधिकारी का बयान नहीं आया है| वहीं पटना पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की सीआईडी से जांच कराने का फैसला लिया है| इस मामले में एडीजी एसके सिंघल ने मीडिया को बताया कि जांच के लिए एफएसएल की टीम मुजफ्फरपुर पहुंच गई है| हर पहलू पर जांच की जा रही है|

मृतक दारोगा की पत्नी का नाम कल्याणी देवी है और उन्होंने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है, जिसमें बड़ा खुलासा करते हुए लिखा है कि मेरे पति ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी साजिश के तहत हत्या हुई है| FIR में लिखा है कि मेरे पति की मृत्यु की सूचना मुझे और मेरे घरवालों को दी गई|

हम सबको मुजफ्फरपुर पुलिस लाइन बुलाया गया. हमारे वहां पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि मेरे पति की मौत कैसे हुई और बिना किसी परिजन की सहमति के ही शव का पोस्टमार्टम कैसे करा दिया गया|

पत्नी ने आगे कहा कि मेरे पति को कोई पारिवारिक तनाव नहीं था| वो खुशमिजाज इंसान थे| इससे पहले भी उन्हें साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई थी| हाजीपुर में रहते हुए उन्होंने शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था| तब उनकी गाड़ी में शराब रखकर उन्हें फंसाने की और उनकी हत्या की कोशिश की गई थी|

FIR में आगे कहा गया है कि मेरे पति ने मुझे बताया था कि हम छोटी जाति से आते हैं इसीलिए उच्चाधिकारी हमें अच्छी नजर से नहीं देखते| मेरे साथ बहुत ही रूखा व्यवहार किया जाता है| मेरे पति का तबादला कुछ ही दिनों पहले हाजीपुर से मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में किया गया था| मेरे पति को थाना प्रभारी बनाने के लिए मुजफ्फरपुर एसपी ने 10 लाख रूपये की मांग की थी, जिसमें से 6.50 लाख रुपये उन्होंने चुका दिए थे|

इसकी वजह से वहां के एसपी द्वारा उन्हें एक दिन के लिए गायघाट का थाना प्रभारी बनाया गया और पैसे का पूरा भुगतान नहीं करने की स्थिति में उन्हें हटा दिया गया| ये बातें मेरे पति ने मुझे बताई थीं| मेरे पति का तबादला मुजफ्फरपुर कर दिया गया लेकिन उन्हें अभी तक सर्विस रिवॉल्वर भी आवंटित नहीं किया गया था|

ऐसे में बिना सर्विस रिवॉल्वर के ही एसआई को थानाप्रभारी कैसे बना दिया गया? एेसी स्थिति में दूसरे स्टाफ की सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या करने की घटना पूरी तरह विभाग के अधिकारियों की मनगढंत साजिश है|

बता दें कि मुजफ्फरपुर के कांटी थाने के पानापुर करियात ओपी में तैनात सीवान के दरौली निवासी दारोगा संजय कुमार गौड़ ने रविवार को गोली मारकर आत्महत्या कर ली| सूचना मिलते ही एसएसपी विवेक कुमार सहित कई अधिकारी वहां पहुंचे और ओपी में तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की| वो 2009 बैच के दारोगा थे|

रिपोर्ट-आशुतोष कुमार सिह

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY