सेवानिवृत्त एआरटीओ को जाना पड़ा जेल

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औरैया- विचाराधीन एवं मुक़द्द्मे में बराबर अनुपस्थित रहने पर गैरजमानती वारंट पर लखनऊ से गिरफ्तार होकर आये सेवामुक्त एआरटीओ औरैया (प्रशान्त) इंदुप्रकाश को कोर्ट से जमानत नहीं मिली और उन्हें जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।

ककोर मुख्यालय सिथत भवन में एआरटीओ कार्यालय शिफ्ट करने पूर्व एआरटीओ प्रशासन इन्द्रप्रकाश ने कभी नहीं सोचा था कि बेदाग सेवा निवृत्त होने के कई वर्ष बाद उन्हें एक मामले में जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इंदुप्रकाश जब एआरटीओ प्रशासन औरैया के पद पर तैनात थे। तभी एक अजीतमल की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन फर्जी तरीके से होने पर विभाग के विरुद्ध सरकार बनाम दीपू सेंगर आदि का मुकद्दमा धारा 420, 467, 468, 471 का मुकद्दमा दर्ज हुआ। वादी ने इस मामले में विभाग के लिपिक के अलावा एआरटीओ प्रशासन इंदुप्रकाश को भी आरोपी बनायां यह मामला सीजेएम कोर्ट में चल रहा है। अन्य आरोपियों ने जमानत कराकर अपनी उपस्थिति करायी। लेकिन सेवानिवृत्त हो चुके इन्दुप्रकाश हाजिर अदालत नहीं हुए। न्यायालय ने विचारण आगे बढाने के लिए कई बार पूर्व एआरटीओ को तलब किया लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। फलस्रूप सीजेएम ने उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट लखनऊ उनके आवास गोमती नगर भेजा।

इस पर लखनऊ पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए इंदुप्रकाश को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। उनके वकील ने जमानत व अन्तरिम जमानत देने की गुहार लगायी लेकिन संगीन धाराओं के कारण सीजेएम हरवंशनारायण त्रिपाठी ने जमानत याचिका खारिज कर दी। जिसके कारण रिटायर्ड एआरटीओ प्रशासन इंदुप्रकाश को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया। अब उन्हें जेल से बाहर आने के लिए सत्र न्यायालय से जमानत करानी होगी।

रिपोर्ट- मनोज कुमार

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