सेक्स से सम्बंधित मर्दों से जुडी ये ख़ास बातें हैं आपके लिए बहुत ही आवश्यक ? जानें

0
3103

sex talk1

यदि आप सोचते हैं कि मर्दों में सेक्शुअल रिस्पॉन्स बिल्कुल सिपंल होता है और उनकी जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं तो आप अपने ज्ञान को थोड़ा दुरुस्त कर लें। मर्दों का सेक्शुअल इंटरकोर्स सिंपल नहीं होता है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक मर्दों और सेक्स के बारे में 10 ऐसी बातें हैं जिन्हें आप नहीं जानते हैं-

ट्रैप्ड स्पर्म –
एक ही बार में सभी स्पर्म से अंडाणु नहीं बन जाते हैं। जब एक बार स्पर्म वजाइनल कनैल में पहुंच जाता है तो थक्का जमने लगता है। फिर एन्जाइम से यह टूटता है। इसके बाद महिलाओं में प्रजननीय सिस्टम को ऐक्टिव करने की क्षमता आ जाती है। साइंटिस्ट के मुताबिक इसके बाद इस थक्के से गर्भाशय में स्पर्म रिलीज की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ती है। इन हालात में ही स्पर्म से अंडाणु बनने की संभावना ज्यादा होती है।

मर्दों पर भी ऑक्सिटोसिन असर –
ऐसा माना जाता है कि सेक्स (और स्तन पान) के दौरान केवल महिलाओं पर ही ऑक्सिटोसिन असर होता है। लेकिन आलिंगन में निकलने वाला यह हार्मोन सहवास के दौरान मर्दों और महिलाओं दोनों में निकलता है। स्विटजरलैंड में हुए रिसर्च के मुताबिक मर्दों में ऑक्सिटोसिन से भरोसे का भाव बढ़ता है।

हाई टेस्टोस्टेरोन मतलब कम सेक्स –
टेस्टोस्टेरोन एक खास तरह का हार्मोन है जो मर्दो में उत्तेजना पैदा करता है। बड़ी साधारण सोच है कि मर्दों के लिए सेक्स के दौरान इसकी मौजूदगी अहम है। रिसचर्स अपने रिसर्च में लगातार बताते हैं कि हाई लेवल टेस्टोस्टेरोन शादीशुदा व्यक्ति में अक्सर कम पाया जाता है। ऐसी हालत में मैरेज लाइफ में कलह आम हो जाता है और तलाक की प्रवृत्ति बढ़ती है। लेकिन सच तो यह है कि शादीशुदा व्यक्ति कुंवारा से ज्यादा ऐक्शन में होता है।

सेक्स के दौरान मौत में एक पैटर्न –
1975 में सेक्स के दौरान मौत की घटना की जांच करते हुए बताया गया कि यह एक पैटर्न के तहत होता है। इसमें कुछ दिलचस्प बातें मर्दो के साथ निकलकर आईं। इस तरह के हादसे शादीशुदा लोगों में होते हैं। ऐसा तब होता है जब वे पत्नी के साथ नहीं होते हैं और माहौल पूरी तरह से विपरीत होता है। इस दौरान मौत सामान्यतः तब हुई जब अल्कोहल के साथ ज्यादा भोजन किया गया। 1989 की दूसरी स्टडी के मुताबिक विवाहेतर संबंधों में ऐसे हादसे हुए। इस तरह के 20 मामलों में 14 मौतें नाजायज संबंधों के कारण हुईं।

ऑर्गेजम( चरम-आनंद) और पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर –
ग्रीस की एक स्टडी के मुताबिक इसके प्रमाण मिले हैं कि वयस्क ऑर्गेजम की फ्रीक्वेंसी से मर्दों में ब्रेस्ट कैंसर का रिश्ता होता है। स्टडी के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर में मर्दों को सेक्स में ऑर्गेजम नहीं के बराबर मिलता है।

उंगली की साइज से भी संदेश –
यूनिवर्सिटी ऑफ लीवरपूल रिसर्च के मुताबाकि यदि किसी मर्द की रिंग उंगली इंडेक्स उंगली से बड़ी है तो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़िया है। वहीं रिंग उंगली इंडेक्स उंगली के बराबर है या उससे छोटी है तो टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होगा। इसी तरह आप अपनी रिंग उंगली से साइज का भी अंदाजा लगा सकते हैं।

मर्द जल्दी होते हैं लोटपोट –
लव रिसर्चर डॉ. हेलेन फिशर के मुताबिक किसी आकर्षित चेहरे को देख मर्द तुरंत आपा खो देते हैं। आनन-फानन की ऐसी स्थिति महिलाओं के साथ नहीं होती है।

फैमिली से प्रभावित होता है टेस्टोस्टेरोन –
मायो क्लिनिक की 2001 की स्टडी के मुताबिक जो व्यक्ति अपने परिवार से ज्यादा लगाव रखता है उसका टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होता है।

आंत के मूवमेंट से चरम आनंद –
2002 की एक स्टडी के मुताबिक पुरुषों को सेक्स के दौरान सबसे ज्यादा आनंद बाथरूम से आने के बाद मिलता है। बाथरूम में मेल बॉडी के रेस्ट मिलता है और सेक्शुअल रिस्पॉन्स साइकल होता है। जब वह क्लाइमेक्स पर पहुंचता है तो पल्स रेट बढ़ जाता है ऐसे में चरम आनंद पर पहुंचने के बाद रेस्ट की जरूरत पड़ती है।

मर्दों की पंसद असाधरणसेक्स
20 के मुकाबले एक महिला को ही असाधारण सेक्स पसंद है। जो सामाज में कबूल नहीं है और अवैध व्यवहार पुरुषों को ज्यादा पसंद है। इनमें प्रदर्शन की प्रवृत्ति ज्यादा होती है। सोर्स- ajabgajab.com

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here