इंसान के गुनाहों की माफी की रात है शबे बरात

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औरैया ब्यूरो : शहर के कई मोहल्लों में शबे बरात का पर्व हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया और लोग आज रात अपने गुनाहों की तौबा और आने वाले साल की तकदीर की तिलावत व गुजर चुके लोगो को अकीदत पेश करेंगे |

शहर के विभिन्न इलाकों में शबे बरात का पर्व मनाया गया रात में मुस्लिम भाई अपने गुनाहों की माफी और आने वाले साल की अच्छी तकदीर की तिलावत रात में जाग कर करेंगे /इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक शबे बरात का पर्व शाबान महीने के 14 तारीख को मनाया जाता है तथा तिलावत की रात उसी दिन सूर्यास्त के बाद से शुरू होती है जिसमें लोग गुजरे हुए साल में किये गए अपने गुनाहों की माफी अल्लाह से रात में जाग कर मांगता है और आगे के साल की तक़दीर कैसी होगी उस की तिलावत रात भर जागकर कुरान ,तस्वीह, नमाज ,पढ़कर करते हैं ऐसा कहा जाता है कि इस रात अल्लाह जन्नत के 300 दरवाजे खोल देता है और इंसान ने साल भर में कितनी नेकी कितनी बदी( गुनाह) की है उन सब का हिसाब किताब अल्लाह के फरिश्ते करते हैं जो लोग दुनिया से रुखसत हो चुके हैं उनके भी गुनाहों का फैसला इसी रात किया जाता है इस रात लोग मस्जिदों ,दरगाहों,खानकाहो,मजारों और गुजर चुके परिवार के लोगों की कब्रों पर जाकर उनके गुनाहों की माफी के लिए कुरान और तस्वीह की तिलावत करते हैं और सारी रात जागकर रोजा रखते हैं

इस रात लोग अपने घरों को शानदार तरीके से सजाते हैं और गली मोहल्लों में जलसा और कई प्रोग्राम करते हैं शहर के जमाल शाह ,रजा नगर ,विधि चन्द सत्तीतालाब ,मदार दरवाजा,आदि मोहल्लों में लोगों के घरों में शबे बरात का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया इस पर्व पर लोग रवा ,चावल, चना ,मूंग, मसूर की दाल आदि का स्वादिष्ट हलवा बनाते हैं और एक दूसरे को घरों में बुलाकर खिलाते हैं शहर के जाने-माने मौलाना आबिद और कारी शराफत ने बताया कि इस शब ए बरात पर लोग अल्लाह से अपने द्वारा जाने अनजाने किए गए बुरे कामों की माफी मांगता है और आगे आने वाले दिनों में उसके व परिवार के दिन खुशहाल तरीके से गुजरे इसकी दुआयें मांगता है उन्होंने बताया कि इस रात इंसान जो भी सच्चे मन से दुआ में मांगेगा अल्लाह उसकी दुआ को जरूर कुबूल करता है और इस दिन सखावत (दान पुण्य)का विशेष महत्व है इसलिये लोंगो को दिल खोलकर गरीबों की मदद करनी चाहियें

रिपोर्ट – मनोज कुमार

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