75 साल के हुए शरद यादव, प्रधानमंत्री श्री मोदी, राष्ट्रपति श्री प्रणब और सोनिया गांधी ने की जमकर तारीफ

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नयी दिल्ली – भले ही बर्थडे केक नहीं था, लेकिन बर्थडे ब्वॉय भी था और ‘तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हो पचास हजार, कहकर खूब तालियां भी बजीं तथा कई मौकों पर ठहाके भी गूंजे।
मौका था राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार की 75वीं सालगिरह के अवसर पर आयोजित अमृत महोत्सव का। इस आयोजन में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कई अन्य दलों के प्रमुख नेता मौजूद थे।
मोदी ने अपने बधाई सम्बोधन में जब यह कहा कि पवार में किसान का यह गुण है कि वह मौसम का अंदाजा जल्दी ही लगा लेते है और राकांपा अध्यक्ष ने इस गुण का राजनीति में भरपूर इस्तेमाल किया है, तो खचाखच भरे विज्ञान भवन का प्लेनरी हॉल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति की हवा का रूख पता करना हो तो कोई शरदजी के पास बैठकर पता कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पवार की यह खासियत रही है कि वह अपने जीवन में काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे हैं, भले ही वह कोई भी काम रहा है।
मोदी ने अपने सम्बोधन में पवार के किसान प्रेम का कई बार जिक्र किया और कहा कि खेती-किसानी और देश में खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने के प्रति उनकी दीवानगी का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता था। भारत खाद्यान्न के उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और इसकी छवि आयातक से निर्यातक के रूप में दुनिया में उभरी है तो इसका श्रेय काफी हद तक पवार को भी जाता है, जिन्होंने कृषि मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में इसके लिए हरसंभव प्रयास किये। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञ होते हुए भी रचनात्मक कार्यों में जुटे रहना उनका खास गुण है।
राष्ट्रपति ने भी पवार के उत्कृष्ट राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि मुंबई में 1993 में अंडरवल्र्ड द्वारा कराये गए बम विस्फोटों के बाद की स्थिति को तत्काल नियंत्रण में कर लेना उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ङ्क्षसह ने सामाजिक और आर्थिक सुधारों के प्रति राकांपा अध्यक्ष के झुकाव का जिक्र करते हुए कहा कि पवार आधुनिक युग की समझ वाले व्यक्ति भी हैं और यही कारण है कि सामाजिक और आर्थिक सुधारों के प्रति उनका नजरिया स्पष्ट था।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मजाकिया लहजे में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में यह कहा जा सकता है कि पवार नेटवर्किंग में माहिर राजनेता हैं। जब पार्टियों के टूटने-बिखरने, सरकार बनने-बनाने की बात आती हो तो ऐसी नेटवर्किंग बहुत ही जरूरी होती है।
इस मौके पर पार्टी लाइन से हटकर एक मंच पर इतने सारे दलों के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति उनके प्रति लोगों के स्नेह का ही प्रतीक है।

 

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