शेरपुर कला गांव में भाई-बहन समेत तीन गंगा में डूबे

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भांवरकोल/गाजीपुर(ब्यूरो)- शेरपुर कलां गांव मैं भाई-बहन समेत तीन गंगा में डूब गए जबकि मां को किसी तरह बचा लिया गया। गांव के मन्नू गुप्त की पत्नी दीपा एकादशी पर छह बजे अपने पुत्र मोहित 17 वर्ष तथा पुत्री नंदनी बेबी 16 वर्ष और बहन के पुत्र आयुष गुप्त टुकटुक 18 वर्ष के साथ गंगा स्नान करने गईं। उसी बीच टुकटुक डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में मोहित उसके करीब पहुंचा। तब टुकटुक उसे जकड़ लिया और दोनों डूबने लगे। यह देख बेबी उन्हें बचाने के लिए बढ़ी लेकिन पानी में फंस गई। अपनी आंखों के सामने संतानों को डूबते देख मां दीपा खुद को रोक नहीं पाई। वह आगे बढ़ी लेकिन वह भी गहरे पानी में समाने लगी। संयोग से मौके पर मौजूद गांव के मकनू यादव तथा सुघर चौधरी किसी तरह दीपा का बाल खींच कर उसे सुरक्षित बाहर किए लेकिन अन्य तीन गहरे पानी में समा गए।

घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया
सैकड़ों लोग घाट पर जुट गए। गांव के मल्लाहों ने मशक्कत कर करीब दो घंटे बाद तीनों की लाश बाहर निकाले। कुछ ही देर में एसडीएम शिवप्रसाद, सीओ जनार्दन दूबे सहित मुहम्मदाबाद कोतवाल पंकज मिश्र, एसओ भांवरकोल रामकिशुन प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग किए लेकिन एसडीएम ने नाबालिग होने के कारण मदद के प्रावधान नहीं होने का हवाला दिया। ग्रामीण पंचनामा कर अंतिम संस्कार के लिए तीनों की लाश सौंपने की मांग की। एसडीएम उस पर सहमत हो गए। टुकटुक बिहार के आरा शहर के स्व.अशोक गुप्त का पुत्र था। अपनी मां-पिता की इकलौती संतान था। वह गर्मी की छुट्टी बिताने के लिए अपनी मौसी दीपा के घर आया था।इसी तरह मन्नू-दीपा के भी मोहित तथा बेबी के सिवाय और कोई संतान नहीं है। दुर्घटना से गांव में शोक की लहर व्याप्त है|

रिपोर्ट- डॉ. विजय प्रकाश यादव

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