शिवपुर थाने के मालखाने से सरकारी रिवाल्वर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब, मुकदमा दर्ज

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वाराणसी (ब्यूरो)- शिवपुर थाने के मालखाने में मकदमें में बन्द सरकारी एक दरोगा की सरकारी रिवालबर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गयी है,पिछले वर्ष यह एक दरोगा को एन्टिकरेपसन के अधिकारियो ने मुकदमे के मामले में घुस लेते रंगे हाथ गिरप्तार कर लिया था,मामला सही पाये जाने पर एंटीकरप्सन के अधिकारियो ने आरोपी दरोगा को गिरप्तार करते हुए शिवपुर थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए जेल भेज दिया था,जेल जाते समय आरोपी दरोगा के पास से नगदी समेत सरकारी रिवालबर भी शिवपुर थाने पर तलाशी के दौरान मिला था जिसको शिवपुर पुलिस ने अपने कब्जे में लेते हुए आरोपी दरोगा को जेल भेज दिया था ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जौनपुर जनपद के केराकत थाना पर एक अपरहरण सहित संगीन धाराओ में मुकदमा पंजीकृत हुआ था जिसकी विवेचना जौनपुर जनपद की पुलिस वर्ष 2016में जोरशोर से कर रही थी,केराकत पुलिस की डर से आरोपी महिलाये वाराणसी जनपद के शिवपुर थानाक्षेत्र के कादीपुर में किराए का मकान लेकर रहने लगी,मुखबिर की सुचना पर धीरे धीरे केराकत जौनपुर पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी तो केराकत थाने से दरोगा ललित कुमार सिंह मामले में आरोपियों की गिरप्तारी करने के लिए वाराणसी जनपद के शिवपुर थाने पर आकर आरोपी महिला के किराए के मकान का पता लगाते हुए कादीपुर पहुँची जहा पर सब आरोपी महिलाये मिल गयी लेकिन उसमे से एक की शादी मई महीने में थी,जब दरोगा ललित कुमार सिंह को यह जानकारी हुई तो उन्होंने मानवता व् समाज की अच्छाई और बुराई को ध्यान में रखते हुए शादी कर लेने व् बाद में सब कार्य बीत जाने के बाद मामले में उपस्थित होकर अपना ब्यान दर्ज कराने की बात कहते हुए पुनः वापस लौट गये ।

उसके कुछ ही दिन बाद मामला काफी संगीन होने के बाद और उच्चाधिकारियों की काफी फटकार करने के कारण फिर से मामले में जौनपुर जनपद के केराकत थाने पर तैनात दरोगा ललित कुमार सिंह फिर आरोपी महिलाओ के घर आ धमके, महिलाओ को दरोगा की यह हरकत काफी नागवार लगी और उक्त मामले में 20 हजार रुपया रिस्वत देने की बात कही जिसपर दरोगा ललित कुमार सिंह तैयार हो गये, बाद में आरोपी महिलाओ ने इसकी जानकारी तत्कालीन वाराणसी जनपद में तैनात एसएसपी आकाश कुलहरि को दी, एसएसपी ने मामले में सज्ञानता लेते हुए मामले की जाच एंटीकरप्सन को सौप दी, एंटीकरप्सन के अधिकारियो ने आरोपी महिला से सम्पर्क साधा, मामले में पैसा लेने पहुँचे जनपद जौनपुर के केराकत थाने पर वर्ष 2016 में तैनात दरोगा ललित कुमार सिंह को उसी समय रिसवत लेते समय गिरप्तार कर लिया, बाद में जाच पड़ताल करने के बाद आरोपी दरोगा ललित कुमार सिंह को शिवपुर थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए जेल भी भेज दिया था।

जब दरोगा ललित कुमार सिंह की गिरप्तारी हुई थी तो तलाशी के दौरान उनके पास से नगदी समेत उनकी सरकारी रिवालबर को शिवपुर पुलिस ने बन्द कर दिया था और मामले में उन्हें जेल भेज दिया था। जिस समय दरोगा ललित कुमार सिंह जेल गये थे उस समय तत्कालीन थाना प्रभारी तारावती यादव जी थी और हेडमुंशी अच्छेलाल यादव जी,उसी समय दोनों लोगो की निगरानी में यह सरकारी पिस्टल तलाशी के दौरान पकड़ी गयी थी ।

घटना के कुछ ही दिन बाद वर्ष 2016 में ही थाना शिवपुर पर ड्यूटी के समय रात्रि लगभग 9बजे के करीब शिवपुर थाने के हेडमुंशी अच्छेलाल यादव अपने घर से थाने पर आ ही रहे थे कि शिवपुर थानाक्षेत्र के सुध्धिपुर चौराहे पर रात्रि लगभग 9बजे के करीब शिवपुर थाने के हेडमुंशी अच्छेलाल यादव का एक स्कार्पियो से जबरदस्त एक्सिडेंट हो गया और हेडमुंशी के सर आँख हाथ पैर में काफी बुरी तरह घाव लग गया जिसको तत्काल सुचना पर तत्कालीन थानाध्यक्ष तारावती यादव मौके पर पहुचकर निजी चिकित्सालय में इलाज करवाने गयी लेकिन हालत काफी नाजुक होने के कारण डाक्टरों ने उन्हें बी एच यू रेफर कर दिया था | बी एच यू में ही एक्सिडेंट होने के एक सप्ताह बाद शिवपुर थाने के हेडमुंशी अच्छेलाल यादव की मौत हो गयी |

बाद में थाने का पूरा मालखाने और थाने की देखभाल थानाध्यक्ष के कुछ काफी विस्वस्नीय सिपाही लोग करने लगे और उसी समय मौके का फायदा उठाते हुए मालखांने में बन्द सरकारी रिवालबर को सिपाहियो ने गायब कर दिया,और इसकी जानकारी किसी को भी पता नही चल सकी ,जबकि तारावती यादव के जाने के बाद फिर थानाध्यक्ष फिर से इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा जी बनाये गए,विनोद कुमार मिश्रा जी का भी स्थानांतरण अभी कुछ दिन पूर्व हो गया और अभी तत्कालीन थानाप्रभारी रमेश यादव जी बनाये गए ।

लगातार थानाध्यक्षो की बदली हुई लेकिन किसी की भी निगाह थाने के मालखाने पर नही गया,अब जेल में बन्द आरोपी दरोगा ललित कुमार सिंह की जब सरकारी रिवालबर को रिलीज करने का आदेश आया तो आदेश आने के बाद मालखाने से सरकारी बन्द वर्ष 2016की रिवालबर को खोजा गया,काफी खोजबीन होने के बाद जब सरकारी रिवालबर नही मिली तो सब शिवपुर थाने के मुंशी से लेकर शिवपुर के इंस्पेक्टर के हाथ पाँव फूलने लगे और जल्दी जल्दी में फर्जी रूप से दो दो निरीह दीवानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया ।

जबकि एक दीवान कुछ अबैध पैसा वसूल रहे सिपाहियो के चलते वह एसएसपी के सामने पेस होकर अपना काफी महीने शिवपुर से अपना स्थानांतरण करवा लिया था और एक दीवान मामला सज्ञानता के पहले से ही घर पर आवश्यक कार्य होने की वजह से वह छुट्टी लेकर अपने घर चला गया था,दोनों लोगो के न रहने की वजह से अपनी अपनी नौकरी व अपने आपको बचाते हुए दोनों दीवानो के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवा दिया ।

जबकि मामले में हमेशा थानाध्यक्षो का करीबी रहने वाला शिवपुर थाने के लगभग कई सालो से तैनात सिपाहियो का ही बहुत बड़ा हाथ हो सकता है,उक्त सिपाही जो जो थानाध्यक्ष शिवपुर आता है उनकी आवाभगत व् कभी भी ड्यूटी न करने के कारण केवल अपने अधिकारियो की आग्गा पिच्छी करने में लगे रहते है और हमेशा अबैध कार्यो में लिप्त रहते है,मामले की चर्चा थाने पर जोर शोर से है कि मामले को कैसे सल्टाया जाय लेकिन सरकारी रिवालबर मालखाने से गायब होने के कारण सबके हाथ पाँव फूल रहे है जबकि वही शिवपुर थाने पर कुछ अबैध क्षेत्र में लूट रहे सिपाहियो को काफी ख़ुशी भी है*

मामले में निरीह केवल दो दो मुंसियो को बली का बकरा बनाया गया है जबकि इसके पीछे सातिर दिमाग शिवपुर थाने पर तैनात किसी और अन्य सिपाही का है, जबकि पुरे थाने के सिपाहियो की हालत काफी खराब है वही कुछ सिपाही हँसते नजर आ रहे है लेकिन जल्द से जल्द मामले में अधिकारियो के लगातार फटकार पड़ने के कारण खुलासा हो सकता है ,मामले में अभी दो तीन दिन पूर्व ही मुकदमा दो दो मुंसियो के खिलाफ पंजीकृत हुआ है,जबकि अभी भी मामले को मीडिया से काफी गोपनीय रखते हुए छुपाया जा रहा है ।

रिपोर्ट- नागेन्द्र कुमार यादव

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