शूटर चंदन ने कहा नीरज से थी रिश्तेदारी, धोखे से कराई हत्या

0
40


धनबाद। पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में शामिल शूटर चंदन सिंह उर्फ रोहित को लेकर सरायढेला पुलिस रविवार को धनबाद पहुंची। रविवार को कोर्ट में पेशी के बाद धनबाद जेल भेज दिया गया। जौनपुर जेल में बंद चंदन को नीरज हत्याकांड में प्रोडक्शन वारंट पर धनबाद लाया गया है। एसएसपी मनोज रतन चौथे,डीएसपी नवल शर्मा समेत अन्य पुलिस अफसरों ने उससे पूछताछ की है।

पुलिस पूछताछ में चंदन ने नीरज हत्याकांड से जुड़ी कई नई जानकारियां दी है। नौ जुलाई को वाराणसी एसटीएफ ने मुठभेड़ के बाद कैंट थानाक्षेत्र से चंदन सिंह को गिरफ्तार किया था। उसे जौनपुर जेल में रखा गया था। रोहित ने पुलिस को बताया कि उसे पता नहीं था कि धनबाद में किसकी हत्या करनी है। नीरज सिंह उनके गांव के बगल के थे। नीरज सिंह के घर से उसकी रिश्तेदारी भी है। यदि एक दिन पहले पता चल जाता तो वह हत्या नहीं करता। जब तक उसे पता चला, तब तक देर हो चुकी थी, यदि वह विरोध करता तो उसकी भी हत्या हो सकती थी। दरअसल रोहित उर्फ चंदन सिंह का पैतृक गांव बलिया जिले के बैरिया थानाक्षेत्र के मधुबनी गांव में है।

नीरज और झरिया विधायक संजीव का पैतृक गांव भी बैरिया में गोनिया छपरा है। रोहित ने बताया कि नीरज और संजीव सिंह के घर से उसके घर का पुराना नाता है। हर समारोह में नीरज व संजीव के घर से आमंत्रण भी आता है। पुलिस अफसर का बेटा है चंदन सिंह शूटर चंदन सिंह के पिता महिधर सिंह पुलिस अफसर थे। दारोगा के पद से वे सेवानिवृत्त हुए हैं। चंदन का भाई रुपेश सिंह मुन्ना बजरंगी गैंग का शार्प शूटर रहा है। चार जून 2003 को रुपेश सिंह का एसटीएफ ने मुंबई में इनकाउंटर किया था। रुपेश के साथ उसके साथी मोनू सिंह को भी एसटीएफ ने मुंबई के अंधेरी इलाके में मुठभेड़ में मारा था। वाराणसी में छात्र नेता अनिल राय की हत्या के बाद दोनों मुंबई में छिपे थे। भाई की मौत के बाद से वह मुन्ना बजरंगी के साथी रिंकू सिंह, अमजद और राजेश चौधरी के साथ काम कर रहा था।

पंकज पर आग बबुला है शूटर चंदन-

चंदन सिंह ने पुलिस को बताया कि सुल्तानुपर लंभुआ बूधापुर के पंकज सिंह ने उसे हत्या की सुपारी दी थी। मिर्जापुर जेल में बंद रिंकू ने फोन कर पंकज से संपर्क करने को कहा था। नीरज सिंह की हत्या के दो दिन पहले यानी 19 मार्च को वह धनबाद पहुंचा था। उसे दो दिनों तक अंधेरे में रखा गया। पंकज ने उसे नहीं बताया कि जिसकी हत्या करनी है वह बलिया का रहने वाला है। चंदन के मन में पंकज के खिलाफ काफी गुस्सा है। वाराणसी में पंकज को सौंपा था पिस्तौल चंदन ने बताया कि कांड को अंजाम देने के बाद वह अंबेडकर नगर कादीपुर निवासी शूटर अमन सिंह के साथ बाइक पर भागा। बाइक छोड़कर वह आसनसोल स्टेशन से ट्रेन से वाराणसी पहुंचा। वहां पंकज सिंह ने दोनों से हथियार ले लिए। सुल्तानपुर में सुपारी की रकम देने की बात पंकज ने कही थी।

अब तक 44 हजार रुपए ही मिले है-

पंकज में हत्या के बदले 5 लाख रुपए देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक उसे मात्र 44 हजार रुपए ही मिले हैं। जब हत्या में उसके साथियों की खोजबीन और धरपकड़ की खबरें अखबार में देखी तो वह गुजरात के जामनगर भाग गया। वहां कुछ दिनों तक अपने रिश्तेदार के घर छिप कर रहा। जब पैसे की कमी हुई तो वह फिर लौट कर बनारस आया और पकड़ा गया। एक-दो दिनों में चंदन को रिमांड पर लेगी पुलिस पुलिस ने रविवार की देर शाम सीजेएम राजीव रंजन के आवास पर चंदन को पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एक-दो दिनों में पुलिस चंदन को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।

चंदन का भी टीआई परेड कराया जा सकता है। हत्याकांड का चश्मदीद होने का दावा करने वाले आदित्य राज से उसकी जेल में पहचान भी कराई जा सकती है। मुन्ना बजरंगी के नाम पर मांगता था रंगदारी चंदन सिंह उर्फ रोहित को पांच सितंबर 2016 को रंगदारी मांगने और फयारिंग करने के आरोप में वाराणसी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसने वाराणसी सारनाथ के आशापुर में मोटर साईकिल एजेंसी और ईट भट्ठों के मालिक एसएन मिश्रा से मुन्ना बजरंगी के नाम पर 30 लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। उसने व्यवसायी के सारनाथ स्थित घर पर धमकाने के लिए फायरिंग भी की थी। विदित हो कि पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों को 24 मई को स्टील गेट के समीप गोलियों से भून दिया गया था।

रिपोर्ट- गणेश रावत

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY