शो पीस बनी पानी की टंकी, ख़राब पड़े है सरकारी नल, ग्रामीण जल बिना परेशान

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मऊरानीपुर/झाॅसी (ब्यूरो)- ब्लाक क्षेत्र मे आधा दर्जन से अधिक ग्रामोें मे स्वजल धारा योजना के तहत पाइप लाइन विछाने के साथ पेयजल टंकी बनबाववे के लिए शासन द्वारा धनराशि ग्राम की पेयजल कमेटी को दी गयी। लेकिन किसी भी ग्राम पंचायत मे 10 साल बाद भी पानी घरों तक नही पहुॅच सका। वहीं ब्लाॅक क्षेत्र के तमाम ग्रामो मे ग्रीष्म ऋतु के चलते अधिकॅाश सरकारी हैण्डपम्पों ने पानी देना बन्द कर दिया है। जिससे ग्रामीण पेयजल के लिए दूर से पानी लाने केा मजबूर हो रहे है ।

जानकारी के अनुसार बुन्देलखण्ड मे ग्रामीणों केा शुद्ध पेयजल के लिए शासन ने स्वजल धारा योजना बनाकर मऊरानीपुर ब्लाॅक की ग्राम पचंायत खिलारा , परसारा बडागाॅव , मढवा , नयागाॅव , धायपुरा , आदि ग्रामो मे कमेटी के माध्यम से कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से बजट भेजा। जिसमे खिलारा गाॅव मे मात्र टकिंयों व पाइप लाइन ही डल सकी। लेकिन ग्रामीणों को 10 बाद भी एक बूंद पानी पीने को नही मिल सका।

इसी प्रकार बडागाॅव के मजरा परसारा मे सिर्फ टंकी का स्वरूप मे एक कमरा ही बना है व बोर हुआ। लेकिन पहाड के गाॅव मे आज तक ग्रामीणों को योजना का लाभ नही मिल सका। और लगे 3 हैण्डपम्पों मे से एक का हैंण्डल टूट गया व दो का जल स्तर नीचे चला जाने से पानी निकालने के लिए पसीना बहाना पड रहा हे। परसारा के मुकुन्द सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, अखिलेश, कमल, रिषीकुमार आदि ग्रामीणों ने पेयजल प्रबन्ध करने की माॅग बीडीओं से की ।

नयागाॅव मे सिर्फ एक टंकी बनी जो मात्र शेापीस बनकर रह गयी। धायपुरा मे तो सिर्फ इसका नमूना ही अपनी दुर्दशा पर आॅसू बहा रहा है। इस सम्बंन्ध मे जिम्मेदार अधिकारी का कहना है कि 2007 मे चालू हुयी योजना की फाइल झाॅसी मे होने के कारण मालूम ही नही कि किस गाॅव मे कितना बजट आवंण्टित किया गया।

रिपोर्ट- रवि परिहार

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