श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सम्पन्न

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खीरों, रायबरेली। विकास क्षेत्र के गाँव बरौण्डी में स्थित तपेश्वर शिव धाम में सात दिवसीय श्री मद भागवत ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें बरौण्डी, हिमांचलखेड़ा, बहादुर खेड़ा , लालपुर सहित कई गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुष भक्तों ने हवन पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया ।

नैमिशारण्य सीतापुर के कथावाचक मानस विकल जी ने अंतिम दिन की कथा में उपस्थित भक्तों को बताया कि सुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को श्री मद भागवत की कथा सुनाते हुये बताया कि सुदामा और श्री कृष्ण बचपन के मित्र थे। गुरुकुल में सन्दीपन गुरु के आश्रम में रह कर दोनों लोगों ने एक साथ शिक्षा-दीक्षा ली। निज कर्मों के प्रभाव से सुदामा दरिद्र हो गए और दीन हीन दशा में पत्नी सुशीला के साथ जिंदगी बिताने लगे। द्वारिकाधीश श्री कृष्ण ने महलों में सुदामा का बड़ा सम्मान किया। उनकी दशा देखकर श्री कृष्ण की आँखों में आँसू आ गए। सुदामा के पैर धोने के बाद वह चावलों की पोटली छीन कर श्री कृष्ण ने खाना शुरू कर दिया। दो मुट्ठी खाने के बाद तीसरी मुट्ठी में रुक्मणी ने श्री कृष्ण का हांथ पकड़ लिया और कहा कि आपने इसे तो दो लोकों का स्वामी बना दिया। अब तीसरी मुट्ठी खाने के बाद आप खुद कहाँ रहेंगे। इसका ध्यान भी तो रखो।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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