श्री बंडारु दत्तात्रेय ने हैदराबाद में ईपीएफ सदस्यों के लिए मोबाइल आधारित सेवाओं की शुरूआत की

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The Minister of State for Labour and Employment (Independent Charge), Shri Bandaru Dattatreya speaking at the launch of the Mobile Application, SMS based UAN Activation and Missed Call services for EPF members, on the eve of 208th meeting of the Central Board of Trustees (EPF), in Hyderabad on September 15, 2015. 	The Secretary, Ministry of Labour and Employment, Shri Shankar Aggarwal and other dignitaries are also seen.

श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बंडारु दत्तात्रेय ने हैदराबाद में 15 सितंबर, 2015 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीस (ईपीएफ) की 208वीं बैठक की पूर्व संध्या पर ईपीएफ सदस्यों के लिए तीन नई मोबाइल आधारित सेवाओं की शुरूआत की। इनके नाम हैं मोबाइल एप्लीकेशन, एसएमएस आधारित यूएएन संचालन और मिस कॉल सेवा।

ईपीएफओ वेबसाइट www.epfindia.gov.in से नए मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड कर, सदस्य अपने यूएएन खातों की जानकारी अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार से ईपीएफ पेंशनर इस मोबाइल एप के द्वारा पेंशन वितरण के ब्यौरे देख सकते है। इसी प्रकार से नियुक्ता भी अपने प्रेषण के ब्यौरे को देख सकते हैं।

इस अवसर पर मंत्री जी ने एक नई एसएमएस आधारित यूएएन कार्यशीलन सेवा की शुरूआत की। इस नई सेवा से ऐसे सदस्य जिनकी सहज पहुंच कम्प्यूटरों तक या स्मार्ट फोन तक नहीं है वे इसका खासतौर पर लाभ उठा सकते हैं। इस सेवा के लिए 7738299899 पर एसएमएस भेजना होता है।

इस अवसर पर श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री शंकर अग्रवाल ने ईपीएफओ के अधिकारियों के दल को मोबाइल एप्लीकेशन को अल्प समय में उपयोग में लाने के लिए बधाई दी। इस समारोह में सेंट्रल बोर्ड, ईपीएफ के सदस्यों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। श्री के.के. जालान, सेंट्रल पीएफ आयुक्त ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में बेहतर सुविधाएं देना जारी रखेंगे।

श्री दत्तात्रेय ने यह कहा कि सरकार प्रत्येक स्तर पर रोजगार के सृजन का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार ने तीन बड़े प्रयास किए शुरू किए हैं, जिनमें मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया शामिल हैं। तथापि इन प्रयासों को लाभदायक बनाने के लिए यह आवश्यक होगा कि श्रम कानूनों को सरल तथा तर्क संगत बनाया जाए। सरकार इस दिशा में सभी प्रयास कर रही है, जिससे कि श्रमिकों को रोजगार सुरक्षा, मजदूरी सुरक्षा, और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सकें और व्यवसाय भी सहजता से चलता रहें।

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