श्री राजनाथ सिंह ने मानव विरोधी तस्करी विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

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नई दिल्ली में 07 अक्टूबर, 2015 को मानव विरोधी तस्करी पर राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह संबोधित करते हुए। इस अवसर पर सीबीआई के निदेशक श्री अनिल कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।
नई दिल्ली में 07 अक्टूबर, 2015 को मानव विरोधी तस्करी पर राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह संबोधित करते हुए। इस अवसर पर सीबीआई के निदेशक श्री अनिल कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।

http://steinmansez.com/library/zarechnaya-parnas-na-karte.html заречная парнас на карте केन्द्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिहं ने कहा कि मानव तस्करी अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मुद्दा है। इसे सीमाविहीन संगठित अपराध की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि भारत अकेला ऐसा राष्ट्र नहीं है जो मानव तस्करी से पीड़ित है, बल्कि संपूर्ण विश्व इसकी चपेट में है। ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र की हाल ही में आई रिपोर्ट का जिक्र करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दक्षिण एशिया के बारे में जारी आंकड़े काफी अधिक चौंका देने वाले हैं। यहां एक ही साल में 1.5 लाख से भी ज्यादा लोग मानव तस्करी का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह काफी चौंकाने वाली बात है कि युवा लड़कियों को शारीरिक रूप से उत्पीड़ित किया जाता है, बच्चे अंगच्छेदन के अधीन हैं, लोगों को मवेशियों के भंडार की तरह बेचा जाता है, और बंधुआ मजदूरी अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है।

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http://skladpolov.ru/owner/vidi-dekorirovaniya-farforovih-izdeliy.html виды декорирования фарфоровых изделий इस बात का उल्लेख करते हुए कि कोई भी सभ्य समाज इस तरह की अमानवीय प्रथाओं को सहन नहीं कर सकता, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने इस तरह की बुराई से निपटने के लिए एक कारगर व्यवस्था बनाई है और ऐसी बुराइयों की जांच करने की दिशा में कई सराहनीय उपलब्धियां भी हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय विभिन्न राज्य सरकारों के सहयोग से मानव विरोधी तस्करी इकाइयों (एएचटीयू) को मज़बूत करने के लिए एक संशोधित योजना पर काम कर रहा है। विशेष रूप से छुड़ाए गए पीड़ितों के पुनर्वास के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए एक नोडल समन्वय एजेंसी का होना अत्यंत आवश्यक है और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) परियोजना के तहत मानव तस्करी में संलिप्त अपराधियों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।

http://carloschreiber.com/owner/ponyatie-tvorchestvo-i-razvitie-tvorcheskih-sposobnostey.html понятие творчество и развитие творческих способностей केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मानव तस्करी की जांच करने और इस तरह के पाप में संलिप्त लोगों तथा एजेसिंयों की जानकारी आपस में साझा करने के लिए भारत ने हाल ही में बांग्लादेश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। श्री राजनाथ सिंह ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इसी तरह का समझौता निकट भविष्य में नेपाल के साथ भी हो सकता है।

бланк указания образец इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से आए ऑपरेशन स्माइल के शीर्ष कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए। सम्मेलन के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री वी. सोमसुंदरम, सीबीआई के निदेशक श्री अनिल कुमार सिन्हा और गृह मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।