सिक्ख संगत ने गुरूदरबार में धूमधाम से मनाया वैशाखी पर्व

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बलिया(ब्यूरो)- वैशाखी पर्व के उपलक्ष्य में गुरूद्वारा में अखंड पाठ साहेब 11 अप्रैल को प्रारम्भ हुआ। इसका समापन 13 अप्रैल को हुआ। गुरू दरबार में बताया गया कि सिक्ख नव वर्ष का प्रारम्भ वैशाखी से होता है। इसलिए यह दिन सिक्खों के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसीदिन सिक्ख धर्म के दशवें गुरू गोविंद सिंह महाराज ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। सन् 1699 में अपने पांच लोगों को अमृत संचार कराया और स्वयं भी अमृत छका।

उन्होंने कहा कि वाहो-वाहो गोविंद सिंह जी आपे गुरू आपे चेला। अर्थात उन्होंने अपने लोगों को अमृत छकाया और उनसे खुद अमृत छका। पाठ के समाप्ति के बाद हजूरी रागी जत्था गुरूप्रित सिंह ने दरबार को भक्तिमय बना दिया। गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार सुरजीत सिंह ने सभी संगतों को वैशाखी पर्व की लख-लख बधाई दिया। उसके उपरांत संगतों को गुरू महाराज का प्रसाद (लंकर) छकाया गया। सुबह ही निशान साहेब का चौला (वस्त्र) बदला गया। कार्यक्रम में सरदार जगजीत सिंह, सरदार श्रवण सिंह, सरदार इंद्रपाल सिंह, सरदार मनजीत सिंह, सरदार गुरूबख्श सिंह, सरदार अमनजीत, सरदार गुरूबचन सिंह, सरदार स्वर्ण सिंह, सरदार रविन्द्र सिंह, सरदार हरजीत सिंह, काफी संख्या में महिलायें एवं बच्चें मौजूद रहे।

रिपोर्ट- संतोष कुमार शर्मा 

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