गोमती रिवर फ्रंट घोटाले मामले में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर काजिम अली पर गिरी गाज

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लखनऊ ब्यूरो : राजधानी लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट घोटाले मामले में सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर काजिम अली पर गाज गिरी है सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने काजिम अली को हटा दिया है | बता दें इससे पहले सहायक अभियंता अनिल यादव को पहले ही हटाया जा चुका है, समिति की जांच रिपोर्ट के बाद काजिम अली पर कार्रवाई की गई है सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के मुताबिक अन्य दोषी अधिकारीयों पर भी कार्रवाई की जाएगी |

 

बता दें अखिलेश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजैक्ट गोमती रिवर फ्रंट मामले में योगी सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि जांच के लिए गठित समिति 15 जून तक सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है. इस बीच गोमती रिवर फ्रंट के लिए फ्रांस से मंगाया गया 42 करोड़ का फव्वारा योगी सरकार के गले की फांस बना हुआ है. इस फव्वारे को रेलवे से छुड़ाने के लिए 10 करोड़ों रुपए खर्च किए जाने हैं. इस संबंध में आगरा में प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोमती रिवर फ्रंट घोटाला भ्रष्टाचार की जननी है. घोटाले की न्यायिक जांच पूरी हो चुकी है. मामले में रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई |

 

उन्होंने कहा कि फ्रांस से मंगाया गया 42 करोड़ का फव्वारा कानपुर स्टेशन पर रखा हुआ है. इस फव्वारे को छुड़ाने के लिए यूपी सरकार को रेलवे को 10 करोड़ रुपए देने हैं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो रेलवे इस फव्वारे को नीलाम कर देगा और यूपी सरकार के करोड़ों रुपए, जो पहले ही खर्च किए जा चुके हैं, डूब जाएंगे. उन्होंने कहा कि फव्वारे के फाउंडेशन में ही 22 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए. इस में हर महीने दो करोड़ रुपए बिजली का बिल आना है. योगी सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. मामले में न्यायिक जांच समिति की रिपोर्ट में भ्रष्टाचार पर मुहर लगी है. इसी को आधार बनाकर ये समिति सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है. मामले में सिंचाई विभाग के आला-अधिकारियों पर परियोजना में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है. यही नहीं टेंडर प्रक्रिया से लेकर सामान की खरीद में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है. कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार के चलते ही महज 60 फीसदी कार्य पूरा हुआ, जबकि परियोजना के लिए 95 फीसदी फंड पहले ही जारी हो चुका है. कार्य पूरा कराने के लिए सिंचाई विभाग ने 900 करोड़ की अतिरिक्त मांग की थी. योगी सरकार ने आते ही फंड रिलीज करने पर रोक लगा दी थी |

रिपोर्ट – मिंटू शर्मा

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