अगर हैं आपको ह्रदय से सम्बंधित कोई बिमारी तो खाये सीताफल

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sitafalआयुर्वेद के मतानुसार सीताफल बहुत ही शीतल, पित्तनाशक, कफ एवं वीर्यवर्धक, तृषाशामक, पौष्टिक, शरीर में मांस और रक्तवर्धक और ह्रदय के लिए अत्यंत हितकार फल हैं I

आधुनिक विज्ञान के अनुसार सीताफल में कैल्शियम, लौह तत्व, फासफोरस, विटामिन-थायमीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन सी बहुत अच्छी मात्रा में उपलब्ध होते हैं I जिन लोगों की प्रकृति गर्म होती हैं यानि की जिन्हें पित्त की समस्या होती हैं उनके लिए सीताफल अमृत के समान होता हैं I

औषधि के रूप में सीताफल का प्रयोग –

जिस किसी भी ब्यक्ति को चाहे वह महिला हो या फिर पुरुष ह्रदय से सम्बंधित किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो या फिर यूँ कहें कि जिनका ह्रदय कमजोर हो, ह्रदय में सपंदन बहुत अधिक हो रहा हो, जिन्हें घबराहट होती हो, उच्चरक्तचाप की समस्या हो ऐसे लोगों के लिए सीताफल अमृत के समान होता हैं I ऐसे लोग अगर नियमित सीताफल का सेवन करते हैं तो उनके लिए यह बहुत ही अधिक लाभदायक औषधि की तरह से काम करता हैं I

इसके अलावा जिन लोगों को भूख हद से ज्यादा लगती हो अतः जिन्हें भोजन करने के बाद भी भूख की समस्या लगी रहती हो ऐसे लोगों के लिए भी सीताफल लाभदायक होता हैं I अत्यधिक भूख का लगना भष्मक रोग कहा जाता हैं यह एक तरह की बिमारी होती हैं I

सीताफल खाने से पहले रखें इस बात का अवश्य ध्यान –

चूँकि हम ऊपर ही बता चुके हैं कि सीताफल उन लोगों के लिए सबसे अधिक लाभदायक फल हैं जिनकी तासीर गर्म हो इसीलिए एक बात स्पष्ट हैं कि सीताफल बहुत ही शर्द तासीर का फल है और इसे वह लोग जिनकी तासीर सर्द होती हैं उन्हें नहीं खाना चाहिए I अगर वह इसे अधिक मात्रा में खायेंगे तो उन्हें सर्दी की वजह से बुखार आने की संभावना बनी रहती हैं I

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