सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया सहज नहीं: कर्पूरी ठाकुर

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रायबरेली : कर्पुरी ठाकुर बिहार के इतिहास के कुछ जाज्वल्यमान अपवादो में से एक है। आज समाज को उनकी जयंती मनाने के साथ ही उनके आदर्शो को समझने तथा उनके बताये गये मार्ग पर चलने की ज्यादा जरूरत है।

ओपी वर्मा ने कहा कि अपने जीवनकाल में कर्पूरी जी जितने प्रासंगिक थे। उतने आज है और आगे रहेंगे। पप्पू प्रधान ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जानते थे कि सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया सहज नहीं है। जो वर्ग पहले से व्यवस्थायी है। उसे दरकिनार कर पिछड़ी पंक्ति में खडे़ आदमी को अगली पंक्ति में जाना पीड़ादायक एवं झंझावातो से भरा तो होगा ही, इससे घबराना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर मुकाबला करना चाहिए। डा0 रवीन्द्र कुमार ने अपने सम्बोधन में तमिलनाडु विधान सभा के अध्यक्ष के राजाराम और कर्पूरी जी की एक मुलाकात का संस्मरण सुनाया।

तमिलनाडु विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि आप भारत में अत्यन्त पिछड़ी जाति के प्रथम मुख्यमंत्री है और आप के कार्यो से देश के सभी पिछड़े और गरीब जातियों को सम्मान मिला है। जिला कार्यकारणी ने सर्वसम्मत से यह भी निर्णय लिया कि 19 मार्च को वृहद सामाजिक सौहार्द सम्मेलन का भी आयोजन सामुदायिक केन्द्र आई0टी0आई0 में किया जायेगा। सभी अभ्यागतों के प्रति रामप्रकाश नन्द ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन दयाशंकर (प्रवक्ता) के द्वारा किया गया। इस अवसर पर रामकेवल,रामनरेश, ओपी वर्मा, रामचन्द्र, अभय वर्मा, डा0 संकठा प्रसाद, रामानन्द ठाकुर, रामलखन, श्रीराम, रामप्यारे मास्टर,संकुन्तला वर्मा, रामदुलारी ठाकुर, सियालली, कुमकुम, नेहा सिंह, अंशू सिंह, ओम प्रकाश वर्मा व धनक दुलारी आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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