पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे में हुए कुछ अहम समझौते

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http://theredcarpetkids.com/library/biznes-plan-stroitelstva-otelya.html бизнес план строительства отеля सोमवार को उजबेकिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव से द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा, रक्षा और व्यापार सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय किया। प्रधानमंत्री मोदी और उजबेक राष्ट्रपति के बीच चर्चा के दौरान दोनों देशों ने अफगानिस्‍तार के साथ-साथ अन्‍य क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। इसमें ‘विस्तारित पड़ोस’ में बढ़ते आतंकवाद पर साझा चिंता जताई गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उजबेकिस्‍तान से कजाकिस्‍तान पहुंच जाएंगे। इस दौरान दोनों देश 5000 टन यूरेनियम की खरीददारी के लिए एक करार पर दस्तखत कर सकते हैं।

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Indologists, students of Hindi and Indian community members, in Tashkent, Uzbekistan on July 07, 2015.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi in Uzbekistan on July 07, 2015.

http://tihanyoazis.hu/owner/hk-sibir-sostav-2016.html хк сибирь состав 2016 भारत और उजबेकिस्‍तान ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग के तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें विदेश कार्यालय, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता शामिल है। मोदी और करीमोव के बीच हुई बातचीत के दौरान सामरिक, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों के मुद्दों की समीक्षा की गई। दोनों नेताओं ने खनिज संसाधन से सम्पन्न उजबेकिस्तान से यूरेनियम आपूर्ति के बारे में पिछले वर्ष हुए अनुबंध को लागू करने के तौर तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच 2000 टन यूरेनियम की आपूर्ति करने संबंधी समझौता हुआ था।

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белые выделенияу женщин причины лечение प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उजबेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति इस्लाम करीमोव ने कनेक्टिविटी को और आगे बढ़ाने के बारे में विभिन्न पहलों पर चर्चा की, मोदी ने उजबेक राष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय नार्थ-साउथ फ्रेट कॉरिडोर के बारे में बताया और उजबेकिस्तान के समक्ष यह प्रस्ताव रखा कि वह इसका सदस्य बने। मोदी ने उजबेक राष्ट्रपति से अश्काबात समझौते में भारत को शामिल किए जाने के लिए समर्थन मांगा। उजबेकिस्तान, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और ओमान के बीच यह ट्रांजिट समझौता 2011 में हुआ था। वहीं, नार्थ-साउथ फ्रेट कॉरिडोर भारत, रूस, ईरान और मध्य एशिया के बीच जहाज, रेल और सड़क मार्ग से माल की आवाजाही से जुड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति करीमोव कृषि, आईटी और उर्जा के क्षेत्रों में जारी सहयोग को और गहरा करने के भी समर्थक हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में हुए समझौतों से दोनों देशों की जनता करीब आएगी।

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http://dexter.ru/priority/lyublyu-hochu-skuchayu-stihi.html люблю хочу скучаю стихи प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उजबेक राष्ट्रपति करीमोव को भारत के 13वीं सदी के महान सूफी कवि अमीर खुसरो की कृति खमसा-ए-खुसरो की प्रतिकृति तोहफे में दी। उत्तरप्रदेश मे जन्मे खुसरो के पिता उजबेकिस्तान के थे। उन्‍होंने कहा कि ‘हिन्दी और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में उजबेकिस्तान का मुकाबला कुछ ही देश कर सकेंगे। मोदी ने करिमोव को अपनी सहूलियत की किन्ही तारीखों पर भारत का दौरा करने का न्योता दिया।

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