सोमनाथ ज्योतिर्लिंग :- इनके दर्शन मात्र से ही छय, कुष्ट जैसे भयंकर रोग हो जाते हैं समाप्त

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http://kylie.xn----8sboqcg1asdm4cxe.xn--p1ai/owner/skolko-stoit-buhanka-hleba-v-moskve.html сколько стоит буханка хлеба в москве द्वादश ज्योतिर्लिंग सम्पूर्ण संसार ही लिंग मय है तथा सब कुछ लिंग में ही समाहित है। वैसे तो शिवलिंगों की गणना करना अत्यन्त कठिन है। सम्पूर्ण चराचर जगत पर अनुग्रह करने के लिए ही भगवान शिव ने देवता, असुर, गन्धर्व, राक्षस तथा मनुष्यों सहित तीनों लोकों को लिंग के रूप में व्याप्त कर रखा है। शिव लिंगों की पूजा करके भक्त सब प्रकार की सिद्धियों को प्राप्त कर लेते है। भूमण्डल के लिंगों की गणना तो नहीं की जा सकती, किन्तु उनमें कुछ प्रमुख शिवलिंग हैं। जिन्हें हमारे ग्रंथों में द्वादस ज्योतिर्लिंगों के नाम से संबोधित किया गया हैं I

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что делать если ключ сломался в замке सोमनाथ मंदिर (द्वादस ज्योतिर्लिंगों में प्रथम) ит в образовании सोमनाथ भगवान की पूजा और उपासना करने से उपासक भक्त के क्षय तथा कोढ़ आदि रोग सर्वथा नष्ट हो जाते हैं और वह स्वस्थ हो जाता है। यशस्वी चन्द्रमा के कारण ही सोमेश्वर भगवान शिव इस भूतल को परम पवित्र करते हुए प्रभास क्षेत्र में विराजते हैं। उस प्रभास क्षेत्र में सभी देवताओं ने मिलकर एक सोमकुण्ड की भी स्थापना की है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि इस कुण्ड में शिव तथा ब्रह्मा का सदा निवास रहते हैं। इस पृथ्वी पर यह चन्द्रकुण्ड मनुष्यों के पाप नाश करने वाले के रूप में प्रसिद्ध है। इसे ‘पापनाशक-तीर्थ’ भी कहते हैं। जो मनुष्य इस चन्द्रकुण्ड में स्नान करता है, वह सब प्रकार के पापों से मुक्त हो जाता है। इस कुण्ड में बिना नागा किये छः माह तक स्नान करने से क्षय आदि दुःसाध्य और असाध्य रोग भी नष्ट हो जाते हैं। मुनष्य जिस किसी भी भावना या इच्छा से इस परम पवित्र और उत्तम तीर्थ का सेवन करता है, तो वह बिना संशय ही उसे प्राप्त कर लेता है। शिव महापुराण की कोटिरुद्र संहिता के चौदहवें अध्याय में उपर्युक्त आशय वर्णित है-

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सोमनाथ मंदिर
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акт осмотра земельного участка образец для суда चन्द्रकुण्डं प्रसिद्ध च पृथिव्यां पापनाशनम्। http://vizitka.wtolk.ru/library/perevod-ballov-v-otsenku-vpr-fizika.html перевод баллов в оценку впр физика तत्र स्नाति नरो यः स सर्वेः पापैः प्रमुच्यते।। http://gavoyannis.gr/library/reglament-to-mersedes-w204.html регламент то мерседес w204 रोगाः सर्वे क्षयाद्याश्च ह्वासाध्या ये भवन्ति वै। http://www.privateproxies.com/owner/aktualnost-temi-sostav-prestupleniya.html актуальность темы состав преступления ते सर्वे च क्षयं यान्ति षण्मासं स्नानमात्रतः।। sabina не надо делать больно प्रभासं च परिक्रम्य पृथिवीक्रमसं भवम्। perfect फलं प्राप्नोति शुद्धात्मा मृतः स्वर्गे महीयते।। http://artmaster.com.pl/library/kak-kachestvenno-zapisat-video.html как качественно записать видео सोमलिंग नरो दृष्टा सर्वपापात्प्रमुच्यते । http://aerkom.ru/priority/skolko-stoit-tkan-shifon.html сколько стоит ткань шифон लब्धवा फलं मनोभीष्टं मृतः स्वर्गं समीहते।।

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सोमनाथ मंदिर का शिवलिंग
सोमनाथ मंदिर का शिवलिंग

http://medicmag.ru/mail/402-prikaz-minzdrava.html 402 приказ минздрава इस प्रकार सोमनाथ के नाम से प्रसिद्ध भगवान शिव देवताओं की प्रार्थना पर लोक कल्याण करने हेतु प्रभास क्षेत्र में हमेशा-हमेशा के लिए विराजमान हो गये। इस प्रकार शिव-महापुराण में सोमेश्वर महादेव अथवा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति का वर्णन है। इसके अतिरिक्त अन्य ग्रन्थों में लिखी कथा भी इसी से मिलती-जुलती है।

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