अश्लील गीतों पर रोक लगाने की गीतकारों ने की मांग

बलिया(ब्यूरो)- क्षेत्र के शिवपुर दियर नई बस्ती ब्यासी ढाले पर क्षेत्रीय गीतकार लेखक कवि एवं गायकों की बैठक रविवार को पन्नालाल गुप्त मस्ताना की अध्यक्षता में मंगल चबूतरे पर आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान परिवेश में अश्लील गीतों के माध्यम से समाज को दूषित करने पर काफी आक्रोश प्रकट किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए लेखक एवं कवि गणेशजी सिंह ने कहा कि आज के लोकगीत गायक जिस प्रकार सफलता की उड़ान छूने के लिए असभ्य और अश्लील गानों का सहारा ले रहे हैं जिसका परिणाम समाज पर बुरा पड़ रहा है। गायकों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे हमारे समाज में गीतों के माध्यम से दुष्प्रभाव ना पड़े। उन्होंने खासकर लेखकों से अपील किया कि वह ऐसी कोई गीत न लिखे जिससे समाज और परिवार में बुरा प्रभाव न पड़े। गीतकार बब्बन विद्यार्थी ने कहा कि गायक कलाकार अपने गीतों के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर प्रहार करते थे जिसके माध्यम से समाज में गलती करने वाले लोग सचेत हो जाते थे तथा आचरण को सुधारने का काम करते थे। लेकिन आज के परिवेश में यह बिल्कुल उल्टा हो गया है। यह हर हाल में बंद होना चाहिए।

लेखक पन्नालाल मस्ताना ने भी कहा कि सरकार को भी चाहिए कि ऐसे गीतकारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो जो लोग फूहड़ और अश्लील गीत परोस कर समाज को गंदा करने का काम कर रहे हैं। जिस गीत को हम घर में तो क्या अकेले भी सुनना पसंद नहीं करते हैं। आलम तो यह हो गया है कि लोग अपने अश्लील गीतों में देवी देवताओं के नाम का भी सहारा लेने से भी परहेज नहीं कर पा रहे हैं।

इस मौके पर गायक अशोक, मधुकर, राजेश पाठक, कृष्णा हमदर्दी, वीर बहादुर यादव, दीपक, दीवाना, सरल पासवान, रफीक शाह, विजय पाठक, हरेराम पाठक, व्यास आदित्य पाठक आदि लोग रहे।

 

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