सोनिया-जवाहरलाल नेहरु की भूमिका पर प्रशनचिंह लगाये कांग्रेस के ही मुखपत्र ने

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कांग्रेस के मुखपत्र ‘कांग्रेस दर्शन’ में छपे एक लेख पर विवाद हो गया है। कांग्रेस की मुंबई यूनिट के इस मुखपत्र में सरदार वल्लभ भाई पटेल की तारीफ की गई है तो भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों पर सवाल उठाए गए हैं। इतना ही नहीं, लेख में कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के पिता स्‍टीफेनो माइनो को ‘फासिस्‍ट सैनिक’ बताया गया है।

लेख में सोनिया गांधी के शुरुआती जीवन का भी जिक्र है, जिसमें बताया गया है कि युवा अवस्‍था में वह एयर होस्‍टेस बनना चाहती थीं। इसके अलावा आर्टिकल में यह भी बताया गया है कि कैसे सोनिया गांधी बेहद कम दिनों में कांग्रेस पार्टी के शीर्ष पद तक पहुंच गईं।

जानकारी के अनुसार, ‘कांग्रेस दर्शन’ में पार्टी प्रेसिडेंट की तारीफ में ‘कांग्रेस की कुशल सारथी सोनिया गांधी’ शीर्षक के साथ लेख लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि 1997 में कांग्रेस सदस्‍य बनने के 62 दिन बाद ही सोनिया गांधी पार्टी अध्‍यक्ष बन गईं थीं। ‘कांग्रेस दर्शन’ के दिसंबर अंक में कश्मीर, चीन और तिब्बत के संबंध में लिए गए नेहरू के फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं। आर्टिकल में कहा गया है कि नेहरू को तत्‍कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की बात सुननी चाहिए थी।

इस मामले पर कांग्रेस के नेता संजय निरूपम ने कहा, ‘मैं गलती स्‍वीकार करता हूं। इस मामले में संपादकीय विभाग के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हम कड़े कदम उठाएंगे, ताकि आगे से ऐसी गलती न हो।’ वहीं, वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और राज बब्‍बर ने भी इसे गंभीर मामला बताया है। उन्‍होंने कहा कि अगर कांग्रेस के आर्टिकल में ऐसा कुछ छपता है तो AICC मामले पर विचार करेगी।’

 

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