सपा के दंगल के ख़त्म होने के बाद अब शुरू हुआ गुटबाजी का का दौर

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अखिलेश यादव मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश (प्रतीकात्मक फोटो)
अखिलेश यादव मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश (प्रतीकात्मक फोटो)

सुलतानपुर- सपा में गुटबाजी ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है। जिसकी बानगी 21 जनवरी को सीएम अखिलेश यादव की सदर विधानसभा में आयोजित रैली के लिए शनिवार को पार्टी कार्यालय पर बुलाई गई बैठक में देखने को मिली। जहां शिवपाल गुट के नेता, सीएम द्वारा घोषित प्रत्याशी और दावेदार बैठक से नदारद रहे वहीं सीएम के करीबी सदर एमएलए बैठक के बाद पहुंचे।

सपा सुप्रीमो की पहली जनसभा-
पूर्वांचल में पांचवे चरण में होने वाले चुनाव के लिए सीएम अखिलेश यादव सदर विधानसभा के मोतिगरपुर और इसौली विधानसभा के सुरेश नगर में चुनावी सभा का शंखनाद करेंगे। सपा के जिला प्रवक्ता संतोष यादव ने इस बात की जानकारी दी है। वहीं सीएम के कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार करने के लिए पार्टी जिलाध्यक्ष प्रो. राम सहाय यादव ने कार्यालय पर बैठक बुला रखी थी। जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिला कार्यकारिणी और एमएलसी तक शामिल हुए वहीं बहुतेरे चेहरे दूर-दूर तक दिखाई नहीं दिए।

बैठक में शिवपाल गुट के नहीं दिखे चेहरे-बैठक में शिवपाल गुट के सदर विधानसभा के घोषित प्रत्याशी एवं पूर्व डॉ. दर्जा प्राप्त मंत्री संदीप शुक्ला बैठक में शामिल नहीं हुए। वही शिवपाल द्वारा लम्भुआ विधानसभा सीट से घोषित प्रत्याशी सुभाष त्रिपाठी भी बैठक में नहीं पहुंचे। इन दोनों नेताओं का बैठक में शामिल न होना चर्चा का विषय रहा।

सीएम की लिस्ट वाले एमएलए भी बैठक में नहीं पहुंचे-
हैरत की बात तो ये रही के शिवपाल गुट के नेताओं के अलावा सपा कार्यकाल में सत्ता का सुख भोग उठाने वाले दर्जा प्राप्त मंत्री रघुवीर यादव और जानकी पाल को भी बैठक में पहुँचने का समय नहीं मिला। चौंकाने वाली बात ये रही कि शिवपाल और सीएम दोनों की लिस्ट से घोषित सुलतानपुर प्रत्याशी अनूप संडा भी बैठक से नदारद रहे। जबकि सीएम खेमे के लम्भुआ विधायक संतोष पाण्डेय भी बैठक में नहीं दिखे। जानकर हैरानी होगी की सीएम ने जिले में अपनी पहली सभा अपने करीबी विधायक अरुण वर्मा के विधानसभा क्षेत्र में रखवाई है, ऐसे में उनको बैठक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए था। लेकिन सदर विधायक अरुण वर्मा बैठक ख़त्म होने के बाद कार्यालय पहुँचे।

सभी को बैठक में शामिल होने के थे निर्देश-

सपा जिलाध्यक्ष प्रो. राम सहाय यादव ने बताया कि सीएम के कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को बैठक में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद कुछ जनप्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया जो अनुशासनहीनता है। इसके लिए सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से शिकायत की जाएगी।
रिपोर्ट- दीपक मिश्र
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