Sp सिटी अजय सिंह की टीम के हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी

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देहरादून : लंबे समय से पुलिस की नजरों से फरार चल रहा शातिर आरोपी मंगलवार दोपहर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी के खिलाफ उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमांचल प्रदेश में दर्जनों मामले दर्ज हैं। आरोपी गैंग बनाकर पूजीपंतियों का अपहरण कर उनसे फिरौती और जबरन वसूली करता था। और पैसे न मिलने पर उनकी हत्या कर देता था। पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मुखबिर की सूचना पर हुआ गिरफ्तार

नगर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि थाना प्रेमनगर में सातिर गैंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमे गैंग के 9 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि गैंग का मास्टर माइंड विनय त्यागी का दाया हाथ मोनू उर्फ सचिन त्यागी पुलिस की पकड़ से दूर था। पुलिस की कड़ी मस्कत के बाद भी मोनू उर्फ सचिन त्यागी पुलिस के हत्थे नही चढ़ा। जिसके लिए पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, पुष्पक ज्योति ने आरोपी पर पांच हजार का इनाम घोषित किया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए देहरादून एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के निर्देश में टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मोनू त्यागी मंलवार को देहरादून कोर्ट में किसी केस के सिलसिले में आ रहा हैं। इस सूचना पर पुलिस आरोपी को प्रिंस चौक, देहरादून से गिरफ्तार करने में सफल हुई।

दोस्तों के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

गौरतलब है कि बीते साल 19 फरवरी को प्रेमनगर थाना पर कृष्ण कुमार गुप्ता निवासी शास्त्री नगर, मेरठ ने पुलिस को सूचना दी थी। कि उसका दोस्त मनोज गुप्ता पुत्र स्व नेम चन्द्र गुप्ता निवासी बुडाना गेट, मेरठ, उत्तरप्रदेश, गत वर्ष18 फरवरी को मेरठ से देहरादून अपने डूंगा, प्रेमनगर स्थित फार्म हाउस मे अपनी इनोवा गाड़ी से घूमने आया था। जो अपने ड्राईवर सन्नी को निरंजनपुर सब्जी मण्डी मे उतार कर स्वयं गाड़ी चलाकर अपनी महिला मित्र ममता मसीह के साथ फार्म हाउस मे पहुंचा था। वहीं 19 फरवरी को पुलिस को सूचना मिली कि मनोज गुप्ता अपने फार्म हाउस मे गाड़ी सहित नही है। जिसका अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है। इस घटना पर पुलिस ने प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की जांच में पता चला कि मनोज गुप्ता 18 फरवरी को ममता मसीह के साथ डूंगा स्थित फार्म पर पहुंचा था। पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला कि ममता मसीह का सम्पर्क मास्टर माईंड विनय त्यागी से था। पुलिस ने जब ममता को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि वह टाउन स्पां थैरेपी, नई दिल्ली मे काम करती थी। जहां उसकी मुलाकात विकास त्यागी उर्फ दीपक से मसाज कराते हुए हुई और उसने ही विनय त्यागी से मिलवाया।

एक दिन विनय त्यागी ने ममता मसीह को बताया की मनोज गुप्ता जो मेरठ मे अच्छा व्यवसायी है, जिसके पास बहुत अधिक सम्पत्ति हैं। जिसको फांसकर उससे मोटा पैसा कमाया जा सकता है। जिस पर विनय त्यागी ने चार मोबाइल सिम खरीदे, जिसमे से 2 सिम ममता मसीह को दिये। ममता मसीह एक सिम से मनोज गुप्ता से व दूसरे सिम से विनय त्यागी से बात करती और मनोज गुप्ता के बारे मे सारी जानकारी विनय त्यागी को देती। एक सिम विनय त्यागी ने स्वंय रखा व एक सिम विनय त्यागी द्वारा मन्नू जाटव को दिया। विनय त्यागी द्वारा ममता मसीह को मनोज गुप्ता का फ़ोन नंबर देते हुए उससे सम्पर्क कर जान पहचान व दोस्ती बड़ाने को कहा। मनोज गुप्ता का ममता मसीह के साथ मे दोस्ती होने के बाद सोची समझी साजिश एंव षड़यन्त्र के तहत योजनाबध्द तरीके से 18 फरवरी को देहरादून स्थित डूँगा फार्म हाउस मे चलने को कहा। जिस पर मनोज गुप्ता द्वारा ममता मसीह के साथ चलने तैयार हो गया। और 18 फरवरी को ममता मसीह व मनोज गुप्ता अपने ड्राईवर सन्नी के साथ अपनी इनोवा कार से देहरादून पहुचे। जिस पर विनय त्यागी के बताये अऩुसार ममता मसीह द्वारा मनोज गुप्ता को ड्राइवर सन्नी को वापस भेजने के लिए दवाब बनाया। जिस पर मनोज गुप्ता द्वारा अपने ड्राइवर सन्नी को निरंजनपुर सब्जी मण्डी देहरादून पर उतार दिया और स्वयं अपनी गाड़ी चलाकर ममता मसीह के साथ सांय के समय डूँगा फार्म हाउस चला गया। जिसकी जानकारी ममता मसीह द्वारा फ़ोन पर विनय त्यागी को दी गयी। विनय त्यागी के द्वारा ममता मसीह व मनोज गुप्ता के देहरादून जाने की सूचना पर मनोज गुप्ता के अपहरण करने की योजना बनाते हुए मन्नू उर्फ मनोज जाटव से सम्पर्क किया। जिस पर मन्नू उर्फ मनोज जाटव अपने सहपाठी केशव शर्मा उर्फ राहुल, भूदेव उर्फ भूरा, जगदीप उर्फ पिन्टु के साथ आई टेन कार DL7 CL 6109 से 18 फरवरी की रात मनोज गुप्ता के डूंगा स्थित फार्म हाउस में पहुचे जहाँ पर उक्त लोगो द्वारा मनोज गुप्ता से मारपीट करते हुए उसका अपहरण कर लिया तथा फिरौती के रुप मे एक करोड़ रूपये की माँग की। जिस पर पुलिस के प्रयास के बाद ममता मसीह, अंबुज त्यागी, विकास कुमार,मनोज कुमार जाटव उर्फ मन्नु, केशव शर्मा उर्फ राहुल, भूदेव उर्फ भूरा, जगदीप उर्फ पिन्टु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लेकिन गैंग का एक आरोपी जो कि 5 हजार रुपये का ईनामी मोनू त्यागी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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