रायबरेली के कप्तान साहब घायल के लिए बने देवदूत

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रायबरेली (ब्यूरो) कहते हैं पुलिस किसी की नहीं होती पर उस कहावत को नीचे करते हुए साक्षात उदाहरण पुलिस अधीक्षक श्री हरिमीणा जी का है |

मामला है 15 जुलाई का जब कप्तान साहब रायबरेली से लखनऊ किसी कार्य से जा रहे थे, तभी हरचंद्रपुर के पास NH-24B के पास उन्हें सड़क पर एक घायल व्यक्ति दिखा जो किसी वाहन से टक्कर होने से घायल हो कर रोड पर पड़ा था, लेकिन किसी ने भी उसकी सहायता करने की जरूरत नही समझी लेकिन कप्तान साहब ने अपना काम जरूरी न समझते हुए पहले ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा और तुरन्त गाड़ी से उतरकर घायल को देखा और तुरंत अपनी पुलिस की जिप्सी में लादकर हॉस्पिटल ले जाने को कहा तो हमराहियों ने उसे जिप्सी में लादकर चलने लगे तभी किसी की सूचना पर मौके पर एम्बुलेंस आ गयी तो फिर उसमें हमराहियों से कहकर जिला अस्पताल तत्काल भेजा गया ।

अब आप क्या कहेंगे ऐसे पुलिस अधीक्षक जी की इन तस्वीरों और उनकी इस मानवता की मिशाल को देख कर की जब एक अधिकारी ऐसा कार्य कर सकते है तो अन्य पोलिस कर्मी भी ऐसे पोलिस अधिकारी से सीख ले की सबसे पहले मानवता का धर्म निभाना ही सर्वश्रेष्ठ धर्म है कप्तान साहब के इस कार्य को देखकर लोगों ने उनकी सराहना की है कि अगर पुलिस के अंदर ऐसी मानवता आ जाये तो किसी को भी पुलिस से शिकायत नहीं होगी |

रिपोर्ट – अनुज मौर्य

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