स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग : दूरसंचार के क्षेत्र में एक और बदलाव

0
170

Trai

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज दूरसंचार विभाग के उस प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी जिसमें भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिशों से स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग के लिए दिशा निर्देश देने को कहा गया है। उम्‍मीद है कि पूर्व के फैसले के साथ मिलकर, इससे दूरसंचार क्षेत्र में स्‍पैक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल को पूरी तरह से बदला जा सकेगा।

स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग के नियमों की मुख्‍य विशेष्‍ताओं में शामिल है :1. केवल दो एक्‍सेस सर्विस प्रोवाइडर के बीच ही स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग की इजाजत होगी विक्रेता से क्रेता को स्‍पेक्‍ट्रम का इस्‍तेमाल करने के लिए केवल प्रत्‍यक्ष हस्‍तांतरण का अधिकार दिया जाएगा।

2. स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग स्‍पेक्‍ट्रम देने की मूल वैधता को नहीं बदलेगा, जैसाकि स्‍पेक्‍ट्रम के ट्रेडेड ब्‍लॉक के लिए लागू है।

3. स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग के लिए किसी समझौते पर पहुंचने से पहले विक्रता को अपनी पूरी बकाया राशि निपटानी होगी। इसके बाद हस्‍तांतरण की प्रभावी तारीख तक वसूल होने योग्‍य किसी भी बकाया राशि की जिम्‍मेदारी खरीददार की होगी। हस्‍तांतरण की प्रभावी तारीख के बाद यदि कोई वसूल करने योग्‍य राशि पाई गई, तो सरकार अपने विवेक से इसे राशि को वसूल करने की हकदार होगी, जिसके बारे में हस्‍तांतरण के समय संबद्ध पक्ष को जानकारी नहीं है।

4. स्‍पेक्‍ट्रम में ट्रेड के लिए लाइसेंस की इजाजत नहीं होगी, यदि यह स्‍थापित हो गया कि लाइसेंसधारी ने लाइसेंस के नियमों और शर्तों का उल्‍लंघन किया है और लाइसेंस देने वाले ने अपने लाइसेंस को रद्द/समाप्‍त करने का आदेश दिया है।

5. स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग की इजाजत केवल पेन-एलएसए (लाइसेंस्‍ड सर्विस एरिया) के आधार पर ही दी जाएगी। यदि लाइसेंस देने वाले द्वारा विक्रेता को दिया गया स्‍पेक्‍ट्रम एलएसए तक सीमित किया गया है। ऐसी स्थिति में ट्रेडिंग के बाद स्‍पेक्‍ट्रम देने के संबंध में एलएसए के बाकी हिस्‍से के लिए विक्रेता के अधिकार और दायित्‍व खरीददार को हस्‍तांतरित हो जाएंगे। इसके अलावा एलएसए के हिस्‍से में स्‍पेक्‍ट्रम देने के संबंध में एनआईए के महत्‍वूर्ण प्रावधान जो स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेड से पहले विक्रेता पर लागू है वह स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेड के बाद खरीददार पर लागू होंगे। सभी एक्‍सेस स्‍पेक्‍ट्रम बैंड जिन्‍हें लाइसेंस देने वाले द्वारा एक्‍सेस सेवा के रूप में माना गया है, उसे ट्रेड करने योग्‍य स्‍पेक्‍ट्रम बैंड माना जाएगा।

7. विशेष बैंड में केवल उसी स्‍पेक्‍ट्रम के ट्रेड की इजाजत होगी, जिसे वर्ष 2010 अथवा उसके बाद नीलामी के जरिए सौंपा गया है अथवा जिसके लिए संचार सेवा प्रदाता पहले ही निर्दिष्‍ट बाजार मूल्‍य (समय-समय पर सरकार द्वारा तय किये गये) का भुगतान कर चुका है। मार्च, 2013 में हुई नीलामी में प्राप्‍त 800 मेगाहॉर्टस बैंड के स्‍पेक्‍ट्रम के संबंध में स्‍पेक्‍ट्रम की ट्रेडिंग की इजाजत तभी होगी, जब स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल के अधिकार की शेष अवधि में समानुपातिक आधार पर नवीनतम नीलामी मूल्‍य और मार्च, 2013 के नीलामी के मूल्‍य के अंतर का भुगतान कर दिया गया है।

8. खरीददार को अपने मौजूदा स्‍पेक्‍ट्रम के साथ मिलाकर उसी बैंड में किसी भी प्रौद्योगिकी को लगाने के लिए 800 मेगाहॉर्टस/1800 मेगाहॉर्टस में प्राप्‍त स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल की इजाजत होगी, इससे पहले उसे अपने वर्तमान समूचे स्‍पेक्‍ट्रम को तय किये गये नियमों और शर्तों के अनुसार उस बैंड में मुक्‍त स्‍पेक्‍ट्रम में बदलना होगा।

9. एनआईए दस्‍तावेज में दिये गये प्रावधानों के अंतर्गत स्‍पेक्‍ट्रम से जुड़े नियम और शर्तें स्‍पेक्‍ट्रम के हस्‍तांतरण के बाद भी लागू रहेंगी। बशर्ते दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से इसका जिक्र न किया गया हो।

10. यदि कोई टीएसपी सौदा एक बैंड में स्‍पेक्‍ट्रम होल्डिंग का हिस्‍सा है, दोनों खरीददार और विक्रेता को भुगतान की शेष किस्‍तों का भुगतान करना होगा (यदि विक्रेता ने नीलामी के जरिए स्‍पेक्‍ट्रम प्राप्‍त किया है और विलम्बित भुगतान का विकल्‍प चुना है), स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेड के बाद स्‍पेक्‍ट्रम को स्‍थगित किया गया हो।

11. खरीददार को समय-समय पर निर्धारित स्‍पेक्‍ट्रम सीमाओं का पालन करना होगा। ट्रेडिंग के जरिए प्राप्‍त स्‍पेक्‍ट्रम की गणना खरीददार की स्‍पेक्‍ट्रम होल्डिंग को जोड़कर होगी।

12. विक्रेता को अपने स्पेक्‍ट्रम उपयोग शुल्‍क (एसयूसी) और उसकी भुगतान किस्‍त (यदि विक्रेता ने नीलामी के जरिए स्‍पेक्‍ट्रम प्राप्‍त किया है और विलम्बित भुगतान का विकल्‍प चुना है), ट्रेड की प्रभावी तारीख तक स्‍पष्‍ट करनी होगी।

13. जहां स्‍पेक्‍ट्रम हस्‍तांतरण का प्रस्‍ताव किसी भी अदालत के समक्ष न्‍याय के लिए लंबित है, विक्रेता को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके अधिकार और देनदारियां कानून के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीददार को हस्‍तांतरित कर दी जाएं और स्‍पेक्‍ट्रम के इस प्रकार के हस्‍तांतरण की इजाजत लाइसेंस देने वाले के हित को सुरक्षित करने के बाद ही दी जाएगी।

14. दूरसंचार सेवा प्रदाता को नीलामी के जरिए प्राप्ति, अथवा स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग अथवा प्रशा‍सनिक तरीके से सौंपे गए स्‍पेक्‍ट्रम को ट्रेड करने योग्‍य स्‍पेक्‍ट्रम में बदलने की तारीख के दो वर्ष बाद ही ट्रेडिंग के जरिए स्‍पेक्‍ट्रम बेचने की इजाजत दी जाएगी। यह स्‍पष्‍ट किया गया है कि निर्धारित बाजार मूल्‍य का भुगतान करने के बाद प्रशासनिक रूप से सौंपे गए स्‍पेक्‍ट्रम को ट्रेड करने योग्‍य स्‍पेक्‍ट्रम में बदलने पर, स्‍पेक्‍ट्रम सौंपने की प्रभावी तारीख से दो वर्ष की गणना की जाएगी।

15. सौदे की राशि का एक प्रतिशत अथवा निर्धारित बाजार मूल्‍य का एक प्रतिशत नहीं लौटाने योग्‍य हस्‍तांतरण शुल्‍क जो भी अधिक होगा, वह सभी स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेड लेन-देन पर लागू होगा। हस्‍तांतरण शुल्‍क का खरीददार द्वारा सरकार को भुगातन किया जाएगा। ट्रेडिंग से प्राप्‍त राशि समायोजित सकल राजस्‍व का हिस्‍सा होगी, जो लाइसेंस शुल्‍क की लेवी और स्पेक्‍ट्रम उपयोग शुल्‍क के लिए होगी।

16. लाइसेंसधारक को सौंपे गए कार्य के भीतर फ्रीक्‍वेंसी विनिमय/पुनर्विन्‍यास को स्‍पेक्‍ट्रम की ट्रेडिंग नहीं माना जाएगा।

17. स्पेक्‍ट्रम उपयोग शुल्‍क के लिए समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित वर्तमान दरें खरीददार द्वारा रखे गए स्‍पेक्‍ट्रम पर लागू रहेंगी, जिसमें अन्‍य बातों के अलावा ट्रेडिंग के जरिए प्राप्‍त स्‍पेक्‍ट्रम शामिल है। स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग के जरिए प्राप्‍त स्‍पेक्‍ट्रम को नीलामी के जरिए प्राप्‍त स्‍पेक्‍ट्रम के बराबर माना जाएगा।

18. स्‍पेक्‍ट्रम की ट्रेडिंग करने वाले दोनों लाइसेंसधारकों को ट्रेडिंग की प्रस्‍तावित प्रभावी तारीख से कम से कम 45 दिन पूर्व स्‍पेक्‍ट्रम इस्‍तेमाल करने के अधिकार के लिए पूर्व जानकारी संयुक्‍त रूप से देनी होगी। दोनों लाइसेंसधारकों को यह बताना होगा कि वे स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग और लाइसेंस की शर्तों के लिए दिशा-निर्देशों के सभी नियमों और शर्तों का पालन कर रहे हैं। यदि यह स्‍थापित हो जाता है कि स्‍पेक्‍ट्रम के इस्‍तेमाल के ट्रेडिंग अधिकार के लिए जानकारी देने के समय पर किसी भी लाइसेंसधारक ने स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग और लाइसेंस के लिए दिशा-निर्देश के संबंध में नियमों और शर्तों का पालन नहीं किया है तो सरकार उचित कार्रवाई कर सकती है, जिसमें अन्‍य बातों के अलावा ट्रेडिंग समझौते को रद्द करना शामिल है।

दिसंबर, 2013 में तत्‍कालीन सरकार ने स्‍पेक्‍ट्रम ट्रेडिंग की सिद्धांत रूप से मंजूरी दे दी, लेकिन विस्‍तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किये गये और इसलिए इस नीति को लागू नहीं किया जा सका।

यह मुद्दा वर्तमान सरकार के विचाराधीन है, क्‍योंकि इस व्‍यवस्‍था से अधिक प्रतिस्‍पर्धा होती है; नवीनता के लिए प्रोत्‍साहन प्रदान करती है; बेहतर डेटा सेवाएं मिलती हैं; उपभोक्‍ताओं को सस्‍ती दरों पर आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल करने का अवसर मिलता है; और उपभोक्‍ताओं के पास बेहतर विकल्‍प रहता है।

 

Source – PIB

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

fifteen − four =