बदहाली का शिकार राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय

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रायबरेली(ब्यूरो)- एक तरफ प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह से सक्रिय है लेकिन विभागीय अनुदान न मिलने के चलते राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बदहाली का शिकार हो चुके हैं।

विकास खण्ड बछरावा में बछरावां , कुन्दनगंज, थुलेण्डी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। चिकित्सा के दौर में इन आयुर्वेदिक अस्पतालों में भी मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास चिकित्सकों द्वारा किया जाता है लेकिन राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय आज भी जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं।

विदित हो कि बछरावां आयुर्वेदिक चिकित्सालय में सरकार से अनुदान न मिलने के बाद भी चिकित्सकों के सहयोग से पुरानी इमारत पर रंगाई, पुताई व प्लास्टर कराया गया है। लेकिन कुन्दनगंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बदहाली का शिकार हो चुका है। जहां पर बैठे चिकित्सक जान जोखिम में डालकर किसी तरह लोगों का इलाज कर रहे हैं। यहां तक कि जर्जर भवन में इलाज कराने वाले लोग भी जल्दी जल्दी इलाज कराकर भवन से बाहर निकलकर अपने आप को सुरक्षित पाते हैं बारिश के दिनों में भवन से जगह जगह पानी टपकता है यही नहीं छत में पडी लोहे की राडें भी दिखाई पडती हैं। भवन में जगह जगह फर्श टूट चुकी है। यहां तक की चिकित्सकों के बैठने की कुर्सियां भी टूटी फूटी नजर आती हैं। प्रभारी चिकत्साधिकारी ने बताया कि भवन की जर्जर की शिकायत उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। यदि शासन द्वारा अुनदान आता है तो जर्जर भवन की मरम्मत कराई जाएगी।

रिपोर्ट- राजेश यादव 

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