यदि हौसलें बुलंद हो तो दुनिया की बड़ी से बड़ी उंचाई को भी क़दमों तले झुकाया जा सकता है – पढ़ें आईपीएस अपर्णा कुमार के हौसलें की उड़ान को

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किसी ने सच ही कहा है कि यदि आपके इरादे मजबूत हों तो हर नामुमकिन काम को मुमकिन बनाया जा सकता है। भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी अपर्णा कुमार उन्ही में से एक हैं।जुनून के दम पर दुनिया के तमाम सर्वोच्च शिखर को झुकाने वाली आईपीएस अपर्णा कुमार ने एक और मिशन चुना वो भी बेहद मुश्किल। इरादा इस दफा खून जमा देने वाले अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे शिखर को लांघना था। अपर्णा कुमार ने उस असंभव काम को संभव करके दिखाया। अंटाकर्टिका के विन्सन मैसिफ जिसकी ऊंचाई 16 हजार फीट है उस शिखर पर उन्होंने सफलतापूर्वक भारत और यूपी पुलिस के झंडे को फहराने में सफलता हासिल की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनकी कामयाबी पर बधाई दी-

महीनों की सख्त ट्रेनिंग के बाद अपर्णा यूरोपियन पर्वातारोहियों के साथ चार जनवरी को मुहिम पर हुईं। कड़ाके की ठंड के बीच यह पूरा सफर 20 दिन का था। इसके बाद उनके सामने दुनिया की सिर्फ दो सबसे ऊंची चोटियां ही बचेंगी। वैसे, अपर्णा का इरादा अगले दो साल में ही पृथ्वी के सभी सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर उप्र पुलिस का झंडा और तिरंगा फहराने का है।

जिद और जुनून से पर्वतारोहण के क्षेत्र में लोहा मनवाने वाली अपर्णा कुमार मूल से कर्नाटक की हैं। 2002 बैच की आईपीएस अफसर हैं। तभी से उप्र में तैनात हैं। फिलहाल बाराबंकी पीएससी में तैनाती हैं। पति संजय कुमार भी आईएएस हैं और इन दिनों इलाहाबाद के डीएम हैं।

वह भी अपर्णा के पर्वतारोहण का शौक पूरा करने के लिए बराबर प्रोत्साहित करते रहते हैं। वैसे, अपर्णा की पहचान सिर्फ आईपीएस के तौर पर नहीं होती। वह दुनियाभर की चुनिंदा पर्वतारोहियों में से एक हैं। यही वजह है कि प्रदेश सरकार उनको सम्मानित भी कर चुकी है।

कामयाबी पर एक नजर –

आईपीएस अपर्णा कुमार चार महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी फतह कर चुकी हैं। इससे पहले वह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलबरस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। अफ्रीका के किलिमंजारो पर्वत चोटी पर 2014 में झंडा फहराया।

आस्ट्रेलिया की ओसियानिया चोटी, माउंट अकांकगुआ पर्वत शिखर भी फतह किया। माउंट एवरेस्ट के शिखर के वे बेहद करीब पहुंची मगर नेपाल में आये भूकंप ने रास्ता रोक लिया।

 

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