सफलता की कहानी : ऑटो ड्राइवर से जहाज के पायलट तक का सफ़र

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इंडिगो के द्वारा ट्वीट किया गया फोटो
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христианские стихи мсц सफलता की कहानी हैं यह एक ऐसे ब्यक्ति की है जिसने शायद फिल्मों में ही पायलट और जहाज देखें थे, उसके अलावा और कभी नहीं, नागपुर में जन्मे श्रीकांत पंतवणे की कहानी भी कुछ ऐसी ही हैं I

http://flavrful.com/priority/gde-mozhno-podrabotat-gruzchikom.html где можно подработать грузчиком श्रीकांत पंतवणे का जन्म नागपुर में हुआ और वही पर उनका पालन पोषण भी हुआ, श्रीकांत के पिता जी एक सिक्युरिटी गार्ड थे और आप तो जानते ही हैं कि भारत वर्ष में एक सिक्युरिटी गार्ड को कितनी तनख्वाह मिलती हैं, घरेलू परेशानियों को देखते हुए श्रीकांत भी बहुत थोड़ी सी उम्र में ही काम पर जाने लगे I लेकिन स्कूल जाना कभी नहीं छोड़ा उन्होंने अपने स्कूल के साथ ही साथ काम पकड़ा था एक डिलीवरी बॉय का I

http://socialmedia.onlinerichesunleashed.com/library/motor-generator-s-samozapitkoy-svoimi-rukami.html мотор генератор с самозапиткой своими руками इस क्रम में वह एक बार किसी चीज की डिलीवरी देने के लिए नागपुर के हवाई अड्डे पर पहुंचे तो उन्होंने वहां पर अपने जीवन में पहली बार पायलट और उनकी खूबसूरत वर्दियों को देखा तभी उनके दिमाग में पहली बार पायलट बनने की चाहत ने जन्म लिया I श्री कान्त ने पास ही खड़े एक चाय की दूकान वाले ब्यक्ति से बात की तो उन्हें पता चला की डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA)  के द्वारा चलाये जाने वाले पायलट स्कालरशिप प्रोग्राम के बारे में पता चला I

http://neiro.wtolk.ru/owner/instruktsiya-o-predostavlenii-rezultatov-operativno-rozisknoy.html инструкция о предоставлении результатов оперативно розыскной इंडिगो की स्टोरी के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार उसके बाद ही श्रीकांत ने उड़ान का प्रसिक्षण हासिल करने के लिए मध्यप्रदेश के स्कूल में प्रवेश लिया और फ्लाइट स्कूल में उन्होंने हर असेसमेंट में टॉप किया।

http://poolmatik.com/owner/yamal-pravila-perevozki-zhivotnih.html रशिक्षण के बाद भी श्रीकांत को कुछ समय तक उड़ान भरने के अपने सपने को हकीकत में बदलने का इंतजार करना पड़ा। मार्केट में नरमी होने के कारण कमर्शल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) मिलने के बाद उनको कुछ दिनों तक कॉर्पोरेट ऐग्जिक्युटिव के तौर पर काम करना पड़ा।

http://freeedom.org/library/normativ-ventilyatsii-v-kvartire.html норматив вентиляции в квартире खुले गगन में उड़ान भरने का श्रीकांत का सपना उस समय पूरा हुआ जब किफायती एयरलाइन इंडिगो में उनका चयन हो गया। श्रीकांत अब इंडिगो में फर्स्ट ऑफिसर हैं जिसको सेकंड पायलट या सहायक पायलट भी कहा जाता है।