कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, 2012 में सेना कर सकती थी मनमोहन सरकार का तख्तापलट

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दिल्ली- आज से ठीक 4 साल पहले जनवरी के महीने में ही खबर आई थी कि सेना ने मनमोहन सरकार का तख्ता पलट करने के लिए दिल्ली के लिए कूच किया था I कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने इस बात को सत्य करार देते हुए कहा है कि जी हाँ यह बात बिलकुल सच थी उन्होंने दावा किया है कि तत्कालीन सेनाअध्यक्ष जनरल वीके सिंह कि उम्र के मामले में चल रहे विवाद के चलते ऐसा हुआ था I
क्या थी पूरी कहानी –

देश के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने 4 अप्रैल 2012 को एक खबर छापी थी जिसमे उसने यह दावा किया था कि सेना कि एक टुकड़ी ने उसी साल बीते जनवरी में दिल्ली के लिए कूच कर दिया था I
बता दें कि उस वक्त भारत कि केंद्रीय सरकार और सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के बीच विवाद चल रहा था, दरअसल यह विवाद उम्र को लेकर था I इसी खींचातान के चलते जनवरी 16 को जनरल वीके सिंह ने सुप्रीमकोर्ट में अर्जी दी थी I
रिपोर्ट के मुताबिक 16-17 जनवरी की रात को ही हरियाणा के हिसार से सेना कि 33वी आर्म्ड बिग्रेड ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया था I इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि आगरा से 50वीं पैरा बिग्रेड की भी एक टुकड़ी दिल्ली के पालम हवाई अड्डे तक पहुँच गयी थी I लेकिन 33 आर्म्ड डिविजन को नजफगढ़ से और पैरा को पालम से वापस भेजा गया था I

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि खुफियां एजेंसियों ने सरकार को इस संबंध में एलर्ट किया था जिसके बाद दिल्ली की ओर आने वाले ट्रैफिक की जांच शुरू की गयी थी I रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा (तत्कालीन) ने देर रात डीजी (मिलिट्री ऑपरेशंस) लेफ्टिनेंट जनरल एके चौधरी को बुलाया। पैरा ब्रिगेड डीजीएमओ के तहत काम करती है। उन्होंने रूटीन मूवमेंट की जानकारी दी थी।
जनरल वीके सिंह ने दिया करार जवाब –
कांग्रेस के वरिष्ट नेता मनीष तिवारी के इस बयान के बाद विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह कटाक्ष करते हुए कहा है कि आजकल मनीष तिवारी के पास कोई काम धाम तो है नहीं इसलिए वह उल जूलूल बातें करते रहते है I उन्हें मेरी किताब पढनी चाहिए उसमें मैंने इन सभी मामलों पर सब कुछ साफ़-साफ़ लिखा है I

क्या कहा था मनमोहन सिंह और रक्षामंत्री और सेना ने  –
उस वक्त के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था,” सरकार के खिलाफ 16-17 जनवरी की रात सेना के दिल्ली कूच की खबर झूठी है।” इतना ही नहीं तत्कालीन रक्षामंत्री ए. के. एंटनी ने कहा था कि उन्होंने इस खबर को बेबुनियाद और बेवजह डर फैलाने वाली है I
इस पूरे मामले पर सेना ने बहुत ही सख्ती के साथ अपना रुख साफ़ करते हुए कहा था कि कोहरे में मूवमेंट का प्रैक्टिस की गई थी। हर मूवमेंट की जानकारी सरकार को नहीं दी जाती।
पाकिस्तान को पता न चले, इस वजह से टुकडिय़ों का मूवमेंट दिल्ली की ओर हुआ। बॉर्डर की ओर नहीं। पैरा ब्रिगेड का मूवमेंट हिंडन एयरबेस की ओर था ताकि सी-130 में उन्हें ले जाने की कैपेसिटी का पता लगाया जा सके।

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