कहानी विक्रमजीत, इमरान और राकेश की, जिन्होंने आतंकी नावेद को पकड़ा

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vikramjeet, rakesh & imraan

BSF के दो जवानों को मरने के बाद एक आतंकवादी वहां से बचकर निकलने की कोशिश कर रहा था और इस कोशिश में वह हमारे गाँव के पास की पहाड़ी पर पहुँच गया जहाँ उसने बंदूक के दम पर हमसे बच निकलने का रास्ता बताने को कहा और बोला उसे बहुत भूख भी लगी है क्योंकि उसने काफी समय से कुछ नहीं खाया है जिसके बाद हमने उसे खाना खिलाया |

जैस-तैसे हम किसी भी तरह उसे पकड़ना चाहते थे, खाना खाने के बाद उसने दोबारा हमसे रास्ता पूछा और हमें कोई नुकसान न पहुँचाने का  वादा किया, जब हमने रास्ता बताने से इनकार क्र दिया तो उसने अपनी AK-47 से फायरिंग कर दी, यद्यपि परिस्थितियां खराब हो रहीं थीं लेकिन हमने फैसला किया कि हम देश के लिए जान दे देंगे पर इसे बचकर भागने नहीं देंगे, विक्रमजीत और इमरान उसे उलझाने की कोशिश की और सफल रहे उसी दौरान राकेश ने उसकी गर्दन पकड़ ली और मैंने उसकी बंदूक और उसे दबोच लिया, पुलिस करीब आधे घंटे के बाद वहां पहुंची और तब तक हमने उसे अपना बंधक बनाये रखा |

अखंड भारत परिवार विक्रमजीत, राकेश और इमरान की बहादुरी और देश प्रेम को सलाम करता है, अपने इस कार्य से इन्होने यह सिद्ध किया है कि देश किसी भी धर्म या जाती से ऊपर है और हर भारतवासी देश के लिए जान देने का जज्बा रखता है |

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Via – Humans of India

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