पटरी दुकानदारों ने अपनी मांगो को पूरा न होते देख खाया जहर

बलिया(ब्यूरो)- पांच दिनों से शहीद चौक पार्क में आंदोलित पटरी दुकानदारों ने अपनी मांगो को पूरी न होते देख शनिवार को जहर खा लिया। इससे चार ठेला वालो की हालत खराब हो गयी। चारो को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में डाक्टरों की कमी की वजह से उपचार में हुए विलम्ब के कारण आक्रोशित लोगों ने इमरजेंसी वार्ड में जमकर उत्पात मचाने के साथ ही तोड़फोड़ की। आनन-फानन में पहुंचा प्रशासन किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रहा।

जहरीला पदार्थ खाने वालो में आंदोलन का समर्थन कर रहे छात्र नेता विकास पांडेय लाला (25) निवासी शास्त्री नगर के साथ ही राजेंद्र नगर निवासी रहमत अली (22), बड़ी मस्जिद निवासी मुस्लिम राईन (28) एवं शरफराज राईन (25) शामिल हैं। पिछले कई वर्षो से नगर के रेलवे स्टेशन से शहीद पार्क चौक तक पटरी और सड़क के बीच ठेला लगाते थे।

बता दें कि 9 माह पहले तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने शहर में हो रहे अतिक्रमण के कारण इन लोगों को हटवा दिया था। पटरी दुकानदार और ठेले पुनः इस इलाके की सड़कों और पटरियों पर अपना ठेला और दुकान लगाने के लिए जिला प्रशासन से मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर पिछले पांच दिनों से शहीद पार्क चौक में 15 लोग तीन दिन क्रमिक अनशन और दो दिनों से आमरण अनशन कर रहे थे लेकिन अनशन के पांच दिन बाद भी जिला प्रशासन इन अनशनकारियों का हाल जानने नहीं पंहुचा। इससे क्षुब्ध होकर चार अनशनकारी ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की।

इस घटना की जानकारी मिलने पर शहर के समस्त ठेला और पटरी दुकानदार जिला अस्पताल पहुंच गए। इसबीच इमरजेंसी में चिकित्सक की कमी के कारण  इलाज में देर होने से नाराज लोगो ने इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ भी किया। एडीएम मनोज सिंघल की माने तो रेलवे स्टेशन से शहीद पार्क चौक तक ठेला और पटरियों पर दुकान लगने से हर समय सड़क जाम रहता था। आम जनता की परेशानी को देखते हुए पटरी दुकानदारों को दुकान और ठेला लगाने पर रोक लगा दी गई थी। इन लोगो को अन्य जगह लगाने की बात हो रही थी। मगर ये लोग अपनी पुरानी जगह पर दुकान लगाने की जिद्द कर रहे है। मरीजों का इलाज कर रहे जिला अस्पताल के डा. विनोद कुमार ने कहा कि चार लोगो को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। इन लोगो ने जहर खाया है या नहीं अभी कहा नहीं जा सकता। फिलहाल सस्पेक्टेड जहर के आधार पर इलाज किया जा रहा है।

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