पचास फ़िट के भीतर बने भवन निर्माण आदि को ढहाने संबंधी नोटिस को लेकर लोगों में ज़बरदस्त आक्रोश

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रोहनियां/वाराणसी(ब्यूरो)-  आज दिनांक – 20/06/ 2017 दिन- मंगलवार को तहसील दिवस पर राजातालाब तहसील पर ग्राम- देउरा, काशीपुर के भवन स्वामियों ने सैकड़ों की संख्या मे एकजुट होकर तहसील पर जिलाधिकारी वाराणसी को PWD की तरफ से आए हुए नोटिस का जवाब देते हुए उचित कार्यवाही करने की मांग की| पंचक्रोशी मार्ग सड़क से लगायत बने रोड के मध्य सेंटर से 50 फ़िट दाये और बायें बने भवनों अन्य निर्माण को लोनिवी द्वारा संबंधित भवन स्वामिओ को नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर निर्माण संबंधी अनुमति माँगी है| बिना अनुमति निर्माण को स्वयं भवन स्वामी द्वारा ढहाया जाये अन्यथा लोनिवी द्वारा ढहाया जायेगा और पाँच सौ रूपये प्रतिदिन क्षतिपूर्ति भी विभाग वसूलेगा| जिस बावत रोहनियां क्षेत्र के देऊरा गाँव में ग्रामीणों ने बैठक कर विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनीधीयो से क़ानूनी सलाह लेकर आम राय बनाकर विकास में कोई अवरोध न करते हुए आलाधिकारियो से मिलकर इस समस्या का समाधान निकाला जायेगा लेकिन जिस यूपी रोड लैंड कंट्रोल एक्ट 1946 की धारा 5-6 का उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर भूस्वामिओ को नोटिस जारी कर निर्माण संबंधी एक सप्ताह के भीतर अनुमति पत्र माँगा गया है|

पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण अंचलों में भवन निर्माण संबंधी अनुमति की कभी आवश्यकता हमें नहीं पड़ा , अब सवाल यह है कि अंग्रेज़ों के उपरोक्त काले क़ानून के तहत हमारी ज़मीनें पंचक्रोशी मार्ग के दोनों तरफ़ 50 फ़िट अधिग्रहण कर हमारे भवन ढहाया जायेगा यह हम कभी होने नहीं देंगे , नोटिस जारी करने के पीछे सरकार की क्या मंशा, मक़सद, उद्देश्य है?

उपरोक्त काले क़ानून के देख रेख ज़िम्मेदारी जवाबदेही के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी अब तक क्या कर रहे थे क्यु चुप बैठे थे ? हमारी ज़मीन व निर्माण का मुआवज़ा कब और कितना मिलेगा ? सरकारी भवन स्कूल अस्पताल पंचायत भवन आदि उपरोक्त पंचक्रोशी मार्ग पर भी बना है क्या यह सब उक्त काले क़ानून के दायरे में नहीं आते है क्या उनके निर्माण संबंधी अनुमति दिया गया है यदि नहीं तो इन सरकारी भवनों को क्यूँ नोटिस नहीं जारी किया गया? इन सरकारी भवन को क्यूँ नहीं 50 फ़िट सड़क से दूर बनवाया गया ताकि हमलोगो को भी पता चल सके इस क़ानून के बारे में और हम भी अपने भवन का निर्माण 50 फ़िट दूर ही बनवाते ? एक देश में दो क़ानून कैसे चल रहा है इन सवालों का जवाब है किसी के पास ? हम सभी एकजुट होकर अपने हक़ हक़ूक की लड़ाई लड़ने के लिए जनता के अदालत के साथ न्याय का अदालत का दरवाज़ा खटखटायेंगे और अंतिम दम तक इस काले क़ानून के ख़िलाफ़ और तुगलकी फ़रमान के विरूद्ध लड़ेंगे और जीतेंगे|

उक्त बैठक का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राज कुमार गुप्ता ने किया अध्यक्षता संतलाल विश्वकर्मा ने किया धन्यवाद ज्ञापन मयंक ने किया और अनिल कुमार मौर्य , मोहम्मद आरिफ़ ज़िला पंचायत सदस्य प्रतिनीधी योगीराज सिंह पटेल व अभय नारायण ने पीड़ितों को इंसाफ़ दिलाने का भरोशा दिया|

रिपोर्ट- रवींद्रनाथ सिंह

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