समाजवादी लैपटाप छात्रा को करना पड़ा वापस

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कछवां (मीरजापुर) : वाह रे विभाग का अजब और गजब खेल जब समाजवादी लैपटाप दो महीने बाद वापस करना पड़ा छात्रा को और यातनाए अलग से सहना पड़ा मझवां गांव के रहने वाले अनुसूचित बिरादरी के मोनिका देवी पिता देवी शंकर हनुमत बालिका विद्यालय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बजहां कछवां मे हाईस्कूल की छात्रा है उसका वर्ष 2016 मे अनूक्रमांक 3615740 था उसने परीक्षा में प्राप्तांक 499/600 पाया था। हनुमत विद्यालय के प्रबंधक व चयन समिति द्वारा उसे चयन के आधार पर समाजवादी लैपटाप दिसम्बर माह मे मीरजापुर में मिला तो छात्रा बहुत खुश हुयी लेकिन उसकी सारी खुशी दोनों महिने काफूर ही रही । उसके पास एक दिन डाक द्वारा लेटर पहुँचा लेटर खोल कर देखा तो जिला विधालय निरीक्षक फूलचन्द यादव का सख्त आदेश था की जनपदीय चयन समिति द्वारा उसका नाम सूची से निरस्त कर दिया गया तत्काल लैपटाप वापस किया जाये नहीं तो थाने मे प्राथमिक दर्ज करा कर लैपटाप वापस कराया जाएगा। हनुमत विद्यालय के प्रिंसिपल ने एक हजार रुपया भी वसूला गया था फिर भी स्कूल द्वारा उसके चयन को लेप्टाप मीलने के बाद भी नीरस्त कर दिया गया।

विभाग पर उँगली उठाने का एक बड़ा कारण और भी था लेटर पर छात्रा और उसके पिता का नाम तो सही था पर पता मझवां की जगह बजहां गांव लिखा था तो छात्रा को लगा की हमारे नाम की कोई दुसरी छात्रा है बजहां की तो हम लैपटाप क्यूँ वापस करें जब छात्रा ने विधालय के लोगों को लैपटाप वापस करने से मना किया तो विद्यालय प्रबंधक ने थाने से छात्रा के घर पर पुलिस भेज कर दबाव बनाया स्थानीय पुलिस बार-बार जाकर लैपटाप वापस करने व जेल भेजने की धमकी दिलवाया गया आखिर मे छात्रा ने विधालय के प्रबन्धक को बुलाकर लैपटाप वापस किया और लैपटाप मिलने के पहले दिया गया एक हजार रूपया वापस माँगा जिसे लौटाया गया। छात्रा ने बताया सभी छात्राओं से प्रबंधक ने एक-एक हजार रूपया लेकर लैपटाप दिया गया था अब एक तो लैपटाप वापस करना दुसरी तरफ पुलिस द्वारा उसे जेल भेजने की धमकी से छात्रा मानसिक रूप से परेशान है ।अब लोगों मे इस बात की चर्चा है जब लैपटाप वापस लेना था दिया ही क्यूँ गया इसमें उसका क्या कशूर था।

रिपोर्ट–अंशु मिश्रा

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