बी.टी.सी का रिज़ल्ट न मिलने से छात्र परेशान, यमुना देवी बी.टी.सी कालेज बलुआ की कारगुज़ारी से छात्रों का भविष्य दाँव पर

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हरहुआ(वाराणसी)– प्राइमरी स्कूलों मे सहायक अध्यापक के तौर पर नौकरी करने का सपना संजोये कई छात्रों का सपना बी.टी.सी कालेज और डायट की लापरवाही के कारण टूटने की कगार पर आ गया है । चंदौली के बलुआ स्थित यमुना देवी बी.टी.सी कालेज का मामला संज्ञान मे आया है जहाँ पर बी.टी.सी 2013 बैच का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं के प्रथम सेमेस्टर की मार्कशीट कालेज प्रशासन की लापरवाही से गुम हो गया है । जबकि प्रशिक्षु प्रशिक्षण समाप्त होने के पश्चात प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गयी 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिये आवेदन भी कर दिया है जिसकी काउंसिलिंग 18 मार्च को होना है। काउंसिलिंग मे बैठने के लिये अभ्यर्थियों के पास सभी प्रमाण पत्र होने चाहिये लेकिन उक्त कालेज से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के पास प्रथम सेमेस्टर की मार्कशीट नही होने से छात्र काफी परेशान हैं । जबकि उनकी परेशानियों को कालेज प्रशासन एवं डायट गंभीरता से लेने की बजाय छात्रों को टरकाने मे लगा हुआ है| वही छात्र कालेज से लेकर डायट तक का चक्कर लगाने को मजबूर हैं ।

छात्रों का आरोप है की 2013 बैच मे कुल 27 छात्रों का चयन उक्त कालेज मे हुआ था, जिसमे से 18 छात्र ही प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पास किये लेकिन आज तक उन्हें मार्कशीट नही मिल सकी । पूछने पर कालेज प्रशासन ने मार्कशीट खो जाने की बात कहते हुए पुनः बनवाने की बात कहकर छात्रों को दो साल से दौड़ा रहा है । जब शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग की तारीख आने के बाद छात्रों ने डायट से सम्पर्क किया तब डायट के अधिकारियों ने मार्कशीट खो जाने की जानकारी की बात को स्वीकार करते हुए छात्रों को तय समय के भीतर मार्कशीट बनवाने का आश्वासन तो दिया लेकिन इस ओर कोई ठोस क़दम नही उठाने से छात्र अभी भी सशंकित ही हैं । अब छात्रों के सामने समय से मार्कशीट न मिलने से काउंसिलिंग मे न शामिल हो पाने का डर सता रहा है ।

वाराणसी,चँदौली समेत प्रदेश के कई हिस्सों से कुल 18 छात्रों का भविष्य कालेज प्रशासन और डायट की घोर लापरवाही के कारण दाँव पर लग गया है l इसी कालेज से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले वाराणसी के शिवजीत कुमार यादव,वाराणसी की ही नेहा,चंदौली के सतीश एवं वंदना जालौन के अखिलेश आदि प्रशिक्षुओं ने बताया की कालेज प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है और मार्कशीट के नाम पर पिछले दो साल से दौड़ा रहा है । उक्त छात्रों का कहना है कि काफी पैसा लगाकर और मेहनत करके बी.टी.सी करने के बाद अब कालेज की लापरवाही के कारण हम लोग काउंसिलिंग मे नही बैठ पायेंगे तो हमारा भविष्य खराब हो जायेगा l वही इस बावत जब कालेज के प्रबंधक से बात करने की कोशिश की गयी तो कई बार फोन करने के बाद भी उनका फोन नही उठा तो डायट के प्राचार्य सतीश सिंह का मोबाइल और आफिस का नम्बर बंद मिला ।

रिपोर्ट- नागेन्द्र कुमार यादव
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