विद्यालय खुलने की आस में बैठे रहे बच्चे, दोपहर बारह बजे तक नहीं आए शिक्षक

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सरकार लाख प्रयास कर ले बावजूद इसके शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना असंभव लगता है। बच्चे स्कूल खुलने की आस में दोपहर तक विद्यालय के बरामदे में बैठे रहते हैं लेकिन शिक्षक के नहीं आने के कारण विद्यालय बंद रहता है।यह वाक्या है जामा प्रखंड अंतर्गत आसानजोर पंचायत के नव प्राथमिक विद्यालय कुरमन का जहाँ दोपहर के बारह बजे तक इस विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक के नही आने से विद्यालय नहीं खुलने के कारण खेल रहे थे। विद्यालय प्रांगण में पंद्रह सोलह बच्चे अपने अपने बस्ते के साथ मौजूद थे। पूछने पर बच्चों ने बताया कि शिक्षक लोग नहीं आए हैं। बच्चों ने बताया कि इस विद्यालय में 2 शिक्षिकाएं हैं एक का नाम सिनी लता मरांडी और दूसरे का नाम सोना भास्कर है।

विद्यालय के आरती कुमारी, किरण कुमारी, रामचंद्र हाँसदा, सुखी मरांडी, मंजू सोरेन आदि से जब यह पूछा गया कि खाने में क्या क्या मिलता है ? तो बच्चों का जवाब था कि कभी दाल भात सब्जी तो कभी खिचड़ी मिलता है अंडा या फल कभी नहीं मिलता। अब यहां सवाल उठता है कि लाख प्रयास के बावजूद शिक्षक समय पर विद्यालय क्यों नहीं आते और सरकार द्वारा निर्धारित मध्यान्ह भोजन योजना के तहत भोजन क्यों नहीं उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में इन नन्हें भविष्य का क्या होगा ?

रिपोर्ट – धनंजय सिंह

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