सूफी संत हजरत सैय्यद महबूब आलम शाह का सालाना उर्स सम्पन्न

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रायबरेली(ब्युरो)- सुप्रसिद्ध सूफी सन्त हज़रत सैय्यद महबूब आलम शाह का 519वाँ सालाना उर्स मुबारक परम्परागत गागर-चादर, कुलशरीफ, मुल्क व शहर में सद्भाव, सौहार्द व विकास की सामूहिक दुवाओं व महफिले समां में शरीफ परवाज व उजाला परवीन के मध्य हुये शानदार जवाबी कव्वाली के बाद सम्पन्न हो गया।

उर्स मुबारक के अन्तिम दिन हज़रत का गुस्ल संदल के लिए दरगाह कमेटी के अध्यक्ष जावेद अहमद खान की अगुवाई में गागर चादर का जुलूस छोटा घोसियाना से उठा, मधुबन, बेलीगंज, घंटाघर, कोतवाली रोड से बस अड्डा होते हुए दरगाह पहुँचकर गुस्ल संदल के बाद चादर पेशकर हजारों जायरीनों ने हाथ उठाकर सद्भाव, सौहार्द विकास के लिए सामूहिक दुआ की व मन्नतें मांगी। महफिले सभा में जवाबी कव्वाली के मुकाबले में मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मो. इलियास ने जायरीनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सबका मालिक एक सर्वशक्तिमान अल्लाह है, उसका कोई रूप नहीं है, उसको ईश्वर गाडॅ, वाहे गुरू किसी नाम से पुकारें उनके बताये रास्ते पर मानव सेवा को अपना अन्तिम लक्ष्य मानकर जीवन अर्पित करने वाले हज़रत महबूब आलम की तालीम मन को शान्ति देकर इंसानियत की खिदमत के लिए प्रेरित करती है।

पूरी रात चले जवाबी मुकाबले में कव्वाल शरीफ ने ‘‘कुरान खुदा खुद है-तफसील मोहम्मद है’’ वहीं कव्वाला उजाला परवीन ने ‘‘मिटा दो नफरतें ये अल्लाह का फरमान कहता है-यही गीता भी कहती है, यही कुरआन कहता है’’ जैसे एक से बढ़कर एक कलाम पेशकर जायरीनों को पूरी रात मंत्रमुग्ध रखा। इस अवसर पर जुमील अहमद विल्सन, नफीस खाँ, नवीन श्रीवास्तव, युसूफ राना, रूपेश श्रीवास्तव, जुबैर वारसी, अतीक अन्सारी, हसीन अहमद, मुनव्वर अली, शहरे आलम सभासद, मनीष गुप्ता, सन्तोष चैनानी, हाफिज हैदर, मो0 शरीफ, बब्लू अली, अख्तर खाँ, नफीस अहमद, अनीस अहमद, चुन्ना, गज्जन बाना, यमन खाँ, साबिर खाँ, मो0 शफीक, दीपक श्रीवास्तव, मनोज दुबे व इमाम अली ने व्यवस्था में भरपूर सहयोग प्रदान किया।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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