सुहागिनों ने सुहाग की रक्षा के लिए, कुंवारियों ने अच्छे पति के लिए रखा तीजा व्रत

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बालोद/छत्तीसगढ़ (ब्यूरो) – बालोद जिला के ग्राम पंचायत मुड़खुसरा सहित छत्तीसगढ़ भर में हरतालिका तीज का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस दौरान जहां सुहागन औरतों ने भगवान शिव की आराधना और पूजा करके अपने सुहाग के लिए लंबी उम्र का वरदान मांगा वही कुंवारी लड़कियों ने मनचाहा पति के लिए हरतालिका तीज का व्रत किया। गौरतलब है कि हरतालिका तीज भाद्र पद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, जो गणेश चतुर्थी के एक दिन पहले होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छा वर पाने के लिए लड़कियां भी हरतालिका तीज का व्रत रखती है।

हरतालिका के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। प्रत्येक पहर में भगवान शंकर का पूजन और आरती होती है। कई जगह की परंपरा की मानें तो इस दिन पंचामृत भी बनता है। जिसमें घी, दही, शक्कर, दूध, शहद का इस्तेमाल होता है। हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाओं को सिंदूर, मेहंदी, बिंदी, चूड़ी, काजल आदि भी दिए जाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं पूजा की जरूरी साम्रगी के बारे मेंइस बार पूजा करने की मुहुर्त। सूर्योदय के बाद से शाम के 6:46 मिनट तक पूजा की जा सकेगी।

पूजा के लिए आवश्यक सामग्री :
गीली काली मिट्टी या बालू रेत बेलपत्र, शमी पत्र, केले का पत्ता, धतूरे काफल एवं फूल, अकांका फूल, तुलसी, मंजरी, जनैऊ, नाड़ा, वस्त्र, सभी प्रकार के फल एवं फूल पत्ते, श्रीफल, कलश, अबीर, चंदन, घी-तेल कपूर कुमकुम दीपक
फुलहरा विशेष प्रकार की पत्तियां

 

रिपोर्ट:-खिलावन चंद्राकर

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