गोलीबारी और विवादों के चलते आये दिन सुर्ख़ियों में रहता है सुजानपुर गाँव

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प्रतीकात्मक

प्रतापगढ़(ब्यूरो)- जनपद प्रतापगढ़ में कोतवाली मानधाता के अंतर्गत सुजानपुर गांव काफी दिनों से सुर्खियों में रहा है इसका कारण यह है कि एक पक्ष का मुकदमा लिखा जाता है तो दूसरा पक्ष भी मुकदमा लिखवाता है पुलिस मुकदमा लिखती है कार्यवाही करती है परंतु दोनों पक्षों में अब पुलिस और कानून का भय नहीं है और कानून का डंडा भी नहीं चलता है|

सुजानपुर गांव में एक पक्ष इस्माइल का है तो वही दूसरा पक्ष रफीक का है यहां आपको बता दें कि पूर्व SO राजकिशोर के जमाने से सुजानपुर गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से कई बार गूंज चुका है| इस गांव के इस्माइल पक्ष के लोगों की हत्या भी हो चुकी है उसमें भी लोग जेल जा चुके हैं इसके बाद भी इस्माइल पक्ष से 2 मुकदमा 307 का कोतवाली मानधाता में लिखा जा चुका है| जिसका मुकदमा अपराध संख्या 338 बटा 16 एवं 392 बटा 16 मांधाता कोतवाली में दर्ज है, जिसमें अभी दूसरे पक्ष के कई अभियुक्त पुलिस की पकड़ से दूर है| कल दिनांक 10 मई को सुजानपुर गांव में गोली चलने की सूचना जैसे ही मिली आनन फानन में देलहूपुर चौकी के प्रभारी अजीत शुक्ला दल बादल के साथ पहुंचे इस्पेक्टर मानधाता उमाशंकर यादव भी पहुंचे| मामले पर काबू पाया वही स्थानीय कोतवाली मानधाता में 14 लोगों के विरुद्ध 307 समेत विभिन्न धाराओं का मुकदमा पंजीकृत हुआ, जिसका मुकदमा अपराध संख्या 68 बटा 17 है वही इस्माइल के द्वारा 14 लोगों के विरुद्ध कोतवाली मानधाता में मुकदमा पंजीकृत कराया गया|

सुजानपुर गांव से इंस्पेक्टर मानधाता उमाशंकर यादव चौकी प्रभारी देल्हूपुर अजीत शुक्ला तथा अन्य पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में इसके पूर्व दो मुकदमे के वांछित अभियुक्त मैन उल्ला पुत्र अताउल्लाह निवासी ग्राम सुजानपुर एवं दूसरा अभियुक्त समून निवासी ग्राम सुजानपुर को पुलिस पकड़ कर लाई यह आरोप बादी ने लगाया है और पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल मुआयना के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानधाता ले गई जहां से मैंन उल्ला निवासी सुजानपुर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया जबकि फरार व्यक्ति के ऊपर कोतवाली मानधाता में 307 समेत अन्य कई धाराओं के मुकदमे लिखे गए हैं और फरार व्यक्ति पुलिस की पकड़ से बाहर है| यह आरोप है बादी इस्माइल का पुलिस ने छोड़ दिया वहीं दूसरी तरफ इंस्पेक्टर मानधाता उमाशंकर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि समून के ऊपर  नियमानुसार कार्यवाही की गई है|

इस मामले में सुजानपुर गांव में लगभग डेढ़ वर्ष के अंदर कई बार गोली चलने की घटना हुई है| मौके पर कोतवाली मानधाता रानीगंज फतनपुर तथा महिला SO समेत सीओ रानीगंज उप जिलाधिकारी रानीगंज तहसीलदार रानीगंज तथा मौके पर राजस्व विभाग के कई कर्मचारी भारी भरकम फोर्स इसके पूर्व JCB मशीन लगाकर रास्ता बनवाया गया परंतु कुछ दिन बाद दूसरे पक्ष ने रास्ते को फिर गिराकर साफ कर दिया| तब से यह मामला और सुर्खियों में है| एक पक्ष दूसरे पक्ष के ऊपर कानूनी कार्यवाही उच्चाधिकारियों का दरबार खटखटाना प्रार्थना पत्रों पर जांच होना यह तो आम बात हो गई है| अब सुजानपुर गांव का मामला किस प्रकार सुलझेगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा! सुजानपुर मामले में कई सफेदपोश नेता भी इसके पूर्व अपनी दखलअंदाजी इस मामले में दे चुके हैं लेकिन मामला आज तक सिफर रहा है 10 मई 17 को एक बार फिर सुजानपुर गांव सुर्ख़ियों में आया अब देखना यह है कि अब इस गांव में रास्ते का विवाद खत्म होता है या नहीं खत्म होता है|

सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस मामले में किसकी लापरवाही है यह भी बहुत बड़ा सवाल है यह भी जांच का विषय है अखिलेश राज में तो सुजानपुर गांव का मामला नहीं सुलझा क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सुजानपुर गांव का मामला नियमानुसार कार्यवाही के प्रति रास्ते का विवाद हल होगा या नहीं होगा?

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा

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